Tamil Nadu Government : तमिलनाडु में नई सरकार के गठन में पेंच ,जोड़तोड़, हॉर्स ट्रेडिंग, राष्ट्रपति शासन या चुनाव ?
Tamil Nadu Government : तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सी जोसेफ विजय यानी विजय थलापति सरकार बना पाएंगे ? क्योंकि हालिया घटनाक्रम देखें तो तमिलनाडु में सत्ता की तस्वीर लगातार तेजी से बदल रही है। दरअसल तमिलनाडु चुनाव में रिजल्ट त्रिशंकु रहा। किसी को बहुमत नहीं मिला। न तो डीएमके-एआईडीएमके और न ही टीवीके। हालांकि, थलापति विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर तो उभरी, लेकिन बहुमत से दूर है। ऐसे में तमिलनाडु में सरकार के गठन का पेच फंस हुआ है, जो सुलझता दिख ही नहीं रहा।महज दो विधायकों की कमी से विजय थलापति सरकार नहीं बना पा रहे हैं।तीन बार विजय राज्यपाल से मिल चुके हैं, लेकिन अब तक सरकार बनाने का न्योता नहीं मिला है। वजह है TVK के पास बहुमत का जादुई आंकड़ा न होना। राज्यपाल साफ कर चुके हैं कि जब तक बहुमत का नंबर नहीं होगा, तब तक सरकार गठन का न्योता नहीं मिलेगा।
Tamil Nadu Government : ऐसे में तमिलनाडु में संवैधानिक खतरा मंडरा रहा है।गठबंधन, जोड़तोड़, हॉर्स ट्रेडिंग की अटकलों के बीच राष्ट्रपति शासन की आशंका बढ़ती दिखाई दे रही है।वहीं राज्यपाल की भूमिका और सरकार गठन की प्रक्रिया को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।राजनीतिक गलियारों में यह बहस तेज हो गई है कि आखिर सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे दल या गठबंधन को पहले आमंत्रित क्यों नहीं किया गया।अब यदि जल्द सरकार गठन नहीं हुआ तो राज्य में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ सकती है। टेस्ट और आधिकारिक समर्थन पत्रों के बाद ही पूरी तरह साफ होगी। यदि सहयोगी दल आखिरी वक्त तक साथ रहते हैं, तो तमिलनाडु में छह दशक पुरानी DMK-AIADMK की पारंपरिक राजनीति टूट सकती है और TVK के नेतृत्व में नई सरकार बन सकती है। लेकिन फिलहाल तो सवाल यही है कि क्या तमिलानाडु में विजय सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बना पाएंगे या तमिलनाडु में सत्ता और सियासत के समीकरण कुछ और होंगे।

