Report: Sanjeev kumar
Bokaro करीब दो साल पुराने पुष्पा हत्याकांड मामले में झारखंड हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बोकारो पुलिस हरकत में आ गई है। गुरुवार को पिंडराजोरा थाना पुलिस पुष्पा के माता-पिता को लेकर बोकारो सदर अस्पताल पहुँची, जहाँ चिकित्सकों की मौजूदगी में दोनों के डीएनए (DNA) सैंपल लिए गए। यह कार्रवाई कोर्ट द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश के बाद की गई है।

Bokaro हाईकोर्ट में पेश हुए राज्य के आला अधिकारी
इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य के DGP, IG, DIG, एसपी, एफएसएल डायरेक्टर और SIT की टीम को सशरीर (Physically) उपस्थित होना पड़ा। अदालत ने पुलिस की सुस्त जांच पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और सरकार को दो हफ्ते के भीतर डीएनए रिपोर्ट सौंपने का सख्त आदेश दिया है।

अदालत ने जांच को वैज्ञानिक आधार पर पुख्ता करने के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
- बरामद नर कंकाल का पोस्टमार्टम रांची के रिम्स (RIMS) में कराया जाए।
- डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया कोलकाता में संपन्न कराई जाए ताकि सटीकता बनी रहे।
Bokaro माता-पिता ने की आरोपी के नार्को टेस्ट की मांग
सदर अस्पताल पहुँचे पुष्पा के माता-पिता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें केवल डीएनए सैंपल के लिए लेकर आई है, लेकिन अब तक घटनास्थल से बरामद कपड़ों या अन्य साक्ष्यों की पहचान उन्हें नहीं कराई गई है। परिजनों ने मांग की है कि मामले के मुख्य आरोपी दिनेश कुमार महतो का नार्को टेस्ट कराया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पुष्पा के साथ वास्तव में क्या हुआ था और इस हत्याकांड के पीछे कौन-कौन शामिल है।
Bokaro क्या है मामला?
पुष्पा कुमारी के लापता होने और बाद में उसकी संदिग्ध हत्या के मामले ने बोकारो में काफी तूल पकड़ा था। लंबे समय तक जांच में कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने के बाद मामला हाईकोर्ट पहुँचा, जहाँ अब अदालत स्वयं इस केस की निगरानी कर रही है। अब सबकी नजरें दो सप्ताह बाद आने वाली डीएनए रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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