Report by: Ravi Jaist
Haryana: हरियाणा के कलायत उपमंडल के बालू गांव में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब खेतों में खड़ी गेहूं की तैयार फसल में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कई एकड़ में फैली फसल को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देने लगा।
खेतों से उठते धुएं को देखकर आसपास के किसान और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे।
Haryana: ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा, लेकिन नहीं मिली सफलता
आग पर काबू पाने के लिए ग्रामीणों ने अपने स्तर पर हर संभव प्रयास किए। ट्रैक्टरों की मदद से खेतों के चारों ओर जुताई कर आग को रोकने की कोशिश की गई, वहीं पानी और रेत से भी आग बुझाने का प्रयास किया गया।
हालांकि तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती गई और ग्रामीणों के प्रयास नाकाफी साबित हुए।
Haryana: फायर ब्रिगेड की देरी पर उठे सवाल

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि आग लगने के तुरंत बाद दमकल विभाग को सूचना दे दी गई थी, लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ी घंटों बाद मौके पर पहुंची।
जब तक दमकल की टीम पहुंची, तब तक किसानों की सालभर की मेहनत जलकर राख हो चुकी थी। पीड़ित किसानों का कहना है कि अगर समय पर मदद मिल जाती तो नुकसान काफी कम हो सकता था।
Haryana: कई एकड़ फसल का नुकसान, कारण स्पष्ट नहीं
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस आगजनी में कई एकड़ गेहूं की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट या किसी चिंगारी को संभावित वजह माना जा रहा है।
Haryana: ग्रामीणों की चेतावनी, मुआवजे की मांग
घटना के बाद गांव में तनाव और दुख का माहौल है। प्रभावित किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है।
साथ ही चेतावनी दी है कि यदि फायर ब्रिगेड की व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और नुकसान की भरपाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।





