Report: Arun kumar
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Gorakhpur मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के जरिए आम जनमानस से सीधा संवाद किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को सुनकर मुख्यमंत्री ने उनके त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का भरोसा दिलाया।

Gorakhpur पीड़ितों से सीधा संवाद: “चिंता मत करिए, सरकार आपके साथ है”
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री एक-एक कर फरियादियों के पास पहुंचे और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना।

- भरोसा: मुख्यमंत्री ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा, “आप बिल्कुल चिंता न करें, आपकी हर समस्या पर प्रभावी और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।”
- राहत: कई संवेदनशील मामलों में मुख्यमंत्री ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को फाइलें सौंपी और तत्काल समाधान के निर्देश देकर फरियादियों को मौके पर ही राहत पहुंचाई।
Gorakhpur अधिकारियों को सख्त हिदायत: संवेदनशीलता और जवाबदेही तय
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जनता की समस्याओं को लेकर किसी भी प्रकार की शिथिलता अक्षम्य होगी।

- त्वरित निस्तारण: शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए गए।
- संतुष्टिपरक न्याय: अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे प्रत्येक मामले को पूरी संवेदनशीलता के साथ लें और यह सुनिश्चित करें कि पीड़ित को शासन की मंशा के अनुरूप न्याय मिले।
Gorakhpur नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध समाधान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल निर्देश देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शासन स्तर से इन शिकायतों के समाधान की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
- फीडबैक सिस्टम: सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि शिकायतकर्ता अपने समाधान से पूरी तरह संतुष्ट है या नहीं।
- समय सीमा: सभी लंबित मामलों को एक निश्चित समय सीमा (Deadline) के भीतर हल करने के लिए कहा गया है ताकि आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।





