Report: Rupesh kumar das
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Hazaribagh झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में हुई एक नाबालिग बच्ची की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने दिल दहला देने वाला खुलासा किया है। डीआईजी अंजनी कुमार झा ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि यह हत्या किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि मृतिका की अपनी मां ने तांत्रिक और अपने प्रेमी के साथ मिलकर ‘नरबलि’ के रूप में की थी।
Hazaribagh अंधविश्वास का खूनी खेल: बेटे के लिए बेटी की बलि
पुलिस जांच में सामने आया कि यह पूरी घटना घोर अंधविश्वास का परिणाम थी।
- तांत्रिक की सलाह: गांव की ही एक महिला शांति देवी, जो ओझा (तांत्रिक) का काम करती है, ने मृतिका की मां रेशमी देवी को यह विश्वास दिलाया कि यदि वह एक ‘कुंवारी कन्या’ की बलि देती है, तो उसका बीमार बेटा पूरी तरह ठीक हो जाएगा और उसे नई जिंदगी मिलेगी।
- साजिश: अपने बेटे को ठीक करने की चाहत में मां ने अपनी ही 12 वर्षीय बेटी को मौत के घाट उतारने का खौफनाक फैसला ले लिया।
Hazaribagh प्रेमी और तांत्रिक के साथ मिलकर रची साजिश
इस जघन्य कृत्य को अंजाम देने के लिए रेशमी देवी ने अकेले नहीं, बल्कि दो अन्य लोगों की मदद ली:
- भीम राम (प्रेमी): पुलिस के अनुसार, भीम राम का रेशमी देवी के साथ अवैध संबंध था। हत्या को शारीरिक रूप से अंजाम देने के लिए उसे इस साजिश में शामिल किया गया।
- दिन का चयन: तांत्रिक के निर्देश पर नवमी के दिन को इस क्रूर घटना के लिए चुना गया। मंगला जुलूस के दौरान जब हर तरफ शोर-शराबा था, तब इन तीनों ने मिलकर बच्ची की हत्या कर दी।
Hazaribagh SIT की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी
बच्ची की हत्या के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।
- तकनीकी साक्ष्य: तकनीकी सबूतों और कड़ाई से की गई पूछताछ के बाद पुलिस ने तीनों मुख्य आरोपियों—मां रेशमी देवी, तांत्रिक शांति देवी और प्रेमी भीम राम को गिरफ्तार कर लिया है।
- क्षेत्र में सनसनी: घटना का खुलासा होने के बाद पूरे विष्णुगढ़ इलाके में लोग स्तब्ध हैं। एक मां द्वारा ही अपनी संतान की बलि दिए जाने की खबर ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है।





