Madhya Pradesh : मध्यप्रदेश में इस वर्ष का गणतंत्र दिवस महिला सशक्तिकरण के एक नए अध्याय का गवाह बना। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तत्वावधान में पहली बार प्रदेश के जिलों में “लखपति दीदी” थीम पर आधारित झांकियों का प्रदर्शन किया गया। इन झांकियों ने न केवल दर्शकों का मन मोहा, बल्कि अधिकांश जिलों में अपनी उत्कृष्टता के लिए शीर्ष पुरस्कार भी हासिल किए।
मुख्यमंत्री ने उज्जैन में ‘ड्रोन दीदी’ को किया सम्मानित
Madhya Pradesh गणतंत्र दिवस के अवसर पर उज्जैन में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला शक्ति के आधुनिक स्वरूप की सराहना की। उन्होंने तराना विकासखंड के ग्राम डबलाहरदू की निवासी और ‘ड्रोन दीदी’ श्रीमती रूपाली मोदी को मंच से सम्मानित किया। रूपाली मोदी द्वारा कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक के माध्यम से किए गए क्रांतिकारी कार्यों को देखते हुए यह सम्मान प्रदान किया गया, जो ग्रामीण महिलाओं के तकनीकी रूप से दक्ष होने का सशक्त प्रमाण है।
पुरस्कारों की झड़ी: 24 जिलों ने हासिल किए शीर्ष स्थान
Madhya Pradesh आजीविका मिशन की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती हर्षिका सिंह के निर्देशन में राज्य के 38 जिलों ने “लखपति दीदी” विषय पर अपनी कलात्मक झांकियां निकाली थीं। इनमें से 24 जिलों ने विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार जीतकर मिशन की सफलता पर मुहर लगाई:
- प्रथम पुरस्कार (10 जिले): खरगोन, सिंगरौली, पन्ना, ग्वालियर, कटनी, नीमच, सतना, मैहर, शहडोल और बालाघाट।
- द्वितीय पुरस्कार (7 जिले): रायसेन, उज्जैन, मुरैना, अलीराजपुर, झाबुआ, देवास और रतलाम।
- तृतीय पुरस्कार (7 जिले): सीहोर, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, उमरिया, छतरपुर, इंदौर और हरदा।
क्या है “लखपति दीदी” थीम का उद्देश्य?
Madhya Pradesh इन झांकियों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता के सफर को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया। झांकियों का मुख्य उद्देश्य उन दीदियों की सफलता की कहानियों को साझा करना था, जिन्होंने स्व-सहायता समूहों से जुड़कर अपनी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक कर ली है। प्रदर्शनी में कृषि, पशुपालन, और कुटीर उद्योगों के साथ-साथ ड्रोन संचालन जैसे आधुनिक कार्यों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को प्रमुखता से दिखाया गया, जिससे अन्य महिलाओं को भी स्वावलंबी बनने की प्रेरणा मिली।





