Padma Awards 2026 : नई दिल्ली, पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा हो चुकी है। इस साल देश के अलग-अलग राज्यों से आए 45 गुमनाम नायकों को भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। इन नायकों में सामाजिक सेवा, पत्रकारिता, पर्यावरण संरक्षण, संस्कृति, खेल और लोक कलाओं के क्षेत्र में वर्षों से निस्वार्थ कार्य करने वाले लोग शामिल हैं। कुल 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

हालांकि पद्म पुरस्कारों की आधिकारिक सूची केंद्र सरकार द्वारा 25 जनवरी 2026 की शाम को जारी की गई है। जिसमें कई ऐसे नाम हैं जिन्होंने बिना किसी प्रचार के समाज और देश के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है।
Padma Awards 2026 : छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और जम्मू-कश्मीर के नाम शामिल
गुमनाम नायकों की सूची में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की सामाजिक कार्यकर्ता बुधरी ताती, जम्मू-कश्मीर के बृज लाल भट, कर्नाटक के अंके गौड़ा, उत्तर प्रदेश के चिरंजी लाल यादव और ओडिशा के चरण हेम्ब्रम जैसे नाम प्रमुख हैं। इन सभी को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा।
इसके अलावा मध्यप्रदेश से वरिष्ठ पत्रकार कैलाश चंद्र पंत, बुंदेली युद्ध कला के संरक्षक भगवानदास रैकवार और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले मोहन नागर को भी पद्म श्री के लिए चुना गया है।

Padma Awards 2026 : ये एमपी-सीज के प्रमुख सम्मान पाने वाली हस्तियां
कैलाश चंद्र पंत मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता में दो दशकों से अधिक समय तक योगदान दिया और ‘जनधर्म’ साप्ताहिक पत्रिका का संपादन किया।
मोहन नागर राजगढ़ जिले के रहने वाले हैं और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए जाने जाते हैं।
भगवानदास रैकवार बुंदेलखंड की पारंपरिक युद्ध कला को जीवित रखने के लिए दशकों से प्रशिक्षण और प्रचार का कार्य कर रहे हैं।

Padma Awards 2026 : छत्तीसगढ़ की बुधरी ताती बनीं प्रेरणा
छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की बुधरी ताती ने 15 वर्ष की उम्र से समाज सेवा शुरू की। उन्होंने महिलाओं को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए 545 से अधिक गांवों की पदयात्रा की। वृद्धाश्रम और अनाथ आश्रम संचालन के साथ शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें अब तक 22 पुरस्कार मिल चुके हैं।

Padma Awards 2026 : यहां देखें पूरी सूची (पद्म श्री 2026)

इन गुमनाम नायकों को पद्म पुरस्कार
- अंके गौड़ा
- आर्मिडा फर्नांडीज
- भगवान दास रायकवार
- भिकल्या लाडक्या ढिंडा
- बृज लाल भट्ट
- बुधरी ताती
- चरण हेम्ब्रम
- चिरंजी लाल यादव
- धार्मिक लाल चुन्नी लाल पांड्या
- गफरुद्दीन मेवाती जोगी
- हैली वार
- इंदरजीत सिंह सिद्धू
- के. पाजनिवेल
- कैलाश चंद्र पंत
- खेम राज सुंद्रियाल
- कोल्लक्कायिल देवकी अम्मा जी
- कुमारस्वामी थंगराज
- महेंद्र कुमार मिश्रा
- मीर हाजीभाई कासंभाई
- मोहन नागर
- नरेश चंद्र देव वर्मा
- निलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला
- नूरुद्दीन अहमद
- ओथुवार तिरुथानी स्वामिनाथन
- पद्मा गुरमेट
- पोखिला लेकथेपी
- पुन्नियामूर्ति नटेसन
- आर. कृष्णन
- रघुपत सिंह
- रघुवीर तुकाराम खेड़कर
- राजस्थापति कालीअप्पा गौंडर
- रामा रेड्डी मामिडी
- रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले
- एस. जी. सुशीला अम्मा
- सांग्युसांग एस. पोंगेनर
- शफी शौक
- श्रीरंग देवबा लाड
- श्याम सुंदर
- सिमांचल पात्रो
- सुरेश हनगावड़ी
- तगा राम भील
- तेची गुबिन
- तिरुवारूर भक्तवत्सलम
- विश्व बंधु
- युमनाम जात्रा सिंह
राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित
इन 45 समेत सभी 131 सभी हस्तियों को पद्म पुरस्कार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राष्ट्रपति भवन में सम्मानित किया जाएगा।
पद्मश्री पुरस्कार क्यों दिए जाते हैं?
पद्मश्री पुरस्कार भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला देश का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में असाधारण और विशिष्ट योगदान देकर समाज, संस्कृति और राष्ट्र को समृद्ध किया हो। पद्मश्री देने का मुख्य उद्देश्य है। पद्मश्री पुरस्कार का उद्देश्य ऐसे लोगों को सम्मानित करना है, जो बिना किसी बड़े पद या प्रचार के, लंबे समय तक निष्ठा, समर्पण और सेवा भाव से, समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य करते हैं। इन्हें अक्सर “गुमनाम नायक” कहा जाता है, जिनका योगदान ज़मीन पर बदलाव लाता है। किन क्षेत्रों में दिया जाता है पद्मश्री
पद्मश्री पुरस्कार कई क्षेत्रों में दिया जाता है, जैसे..
- सामाजिक सेवा
- कला, साहित्य और शिक्षा
- विज्ञान एवं इंजीनियरिंग
- चिकित्सा, खेल
- पर्यावरण संरक्षण
- लोक कला और पारंपरिक संस्कृति
- व्यापार और उद्योग
- सार्वजनिक कार्य (Public Affairs)
- किसे मिल सकता है पद्मश्री
- यह पुरस्कार किसी भी जाति, धर्म, वर्ग या पेशे के व्यक्ति को दिया जा सकता है।
- सरकारी कर्मचारी भी इसके पात्र होते हैं, हालांकि आमतौर पर सेवा-निवृत्ति के बाद।
- पद्मश्री मरणोपरांत भी दिया जा सकता है।
पद्मश्री क्यों खास है
पद्मश्री पुरस्कार यह संदेश देता है कि देश सिर्फ बड़े पदों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे समर्पित प्रयासों से बनता है। यह सम्मान लोगों को समाज सेवा, नवाचार और सकारात्मक कार्य के लिए प्रेरित करता है और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रोत्साहित करता है। पद्मश्री पुरस्कारों की घोषणा हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। यह सम्मान राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति भवन में प्रदान किया जाता है। संक्षेप में, पद्मश्री पुरस्कार उन लोगों के लिए है जो चुपचाप देश की सेवा करते हैं और जिनका काम भारत की आत्मा को मजबूत करता है।

