Report: Farhan khan
सूचना के इस युग में सत्य की पहचान आवश्यक
Agra आगरा में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रसिद्ध कथावाचक ऋतेश्वर महाराज ने कहा कि आज के तेज़ और व्यस्त सोशल मीडिया के दौर में सही जानकारी को सुनना और समझना ही व्यक्ति और समाज को सही दिशा देने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि सूचना की भरमार के बीच सत्य को पहचानने की क्षमता ही व्यक्ति और राष्ट्र दोनों को सुरक्षित और सशक्त बना सकती है।

धर्म और राष्ट्र की सुरक्षा का सही अर्थ
Agra ऋतेश्वर महाराज ने धर्म और राष्ट्र सुरक्षा पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विचारधारा और संस्कारों से जुड़ी है। धर्म का वास्तविक उद्देश्य मानव जीवन को सुरक्षित, सरल और मर्यादित बनाना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “धर्म के लिए मनुष्य नहीं बना, बल्कि मनुष्य के लिए धर्म बना है।” राष्ट्र और समाज की स्थिरता के लिए सनातन मूल्यों और कर्तव्यबोध को समझना आवश्यक है।

शिक्षा, संस्कार और युवा शक्ति का संतुलन
Agra उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को जीवन की बुनियाद बताया। आधुनिक शिक्षा में केवल योग्यता पर्याप्त नहीं है, बल्कि संस्कारों का समावेश भी आवश्यक है। युवा पीढ़ी (GEN G) को धर्म, संस्कृति और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि जब आधुनिक शिक्षा और भारतीय परंपरा का मेल होगा, तभी एक सशक्त, सुरक्षित और संस्कारवान समाज की स्थापना संभव होगी।
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