Edit by: Priyanshi Soni
US Supreme Court tariff decision: अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को ट्रम्प प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ पर अहम फैसला सुना सकती है। इस मामले में करीब दो महीने तक चली सुनवाई पूरी हो चुकी है। यदि सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फैसले को गैरकानूनी घोषित करती है, तो भारत से अब तक वसूले गए लगभग 18 हजार करोड़ रुपये वापस करने की स्थिति बन सकती है।
US Supreme Court tariff decision: भारत पर लागू है 50 प्रतिशत टैरिफ
फिलहाल भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लागू है। इसमें 25 प्रतिशत सामान्य टैरिफ शामिल है, जबकि शेष 25 प्रतिशत रूस से कच्चा तेल आयात करने को लेकर लगाए गए दंड के रूप में है। इस टैरिफ को अमेरिकी कंपनियों और व्यापारिक संगठनों ने अदालत में चुनौती दी थी।

US Supreme Court tariff decision: कोर्ट के फैसले को सीधे पलटना संभव नहीं
कानूनी जानकारों के अनुसार, यदि सुप्रीम कोर्ट टैरिफ के खिलाफ फैसला देती है, तो राष्ट्रपति रहते हुए भी ट्रम्प इस फैसले को सीधे ओवरराइड नहीं कर पाएंगे। ऐसे में उनके पास एकमात्र रास्ता अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस का होगा।
हालांकि, संसद में इस फैसले को बदलने के लिए संवैधानिक संशोधन की जरूरत पड़ेगी, जो एक लंबी और जटिल प्रक्रिया मानी जाती है।
US Supreme Court tariff decision: सीनेट में भी चुनौती
वर्तमान में 100 सदस्यों वाली अमेरिकी सीनेट में ट्रम्प समर्थक 53 सांसद हैं, लेकिन टैरिफ जैसे संवेदनशील मुद्दे पर क्रॉस वोटिंग की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में ट्रम्प के लिए संसद के जरिए भी राहत पाना आसान नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भारत समेत कई देशों की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है।
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