Isa Ahmad
Report- Wasim Qureshi
Kasganj: रैन बसेरा बना रसोईघर! गरीबों के आशियाने से उठा धुआं नगर पालिका परिषद गंजडुंडवारा में नए साल के जश्न के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। ठंड से बचाव के लिए जरूरतमंदों, बेसहारा लोगों और यात्रियों के लिए बनाए गए रैन बसेरा को अस्थायी रसोईघर में तब्दील कर दिया गया। बुधवार रात यहां नए साल के भोज की तैयारियां की गईं, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जिस रैन बसेरे का उद्देश्य ठिठुरते गरीबों को छत और राहत देना था, वहीं चूल्हा-चौका, भगोने और तसलों से भर दिया गया। यह न केवल सरकारी नियमों की खुली अवहेलना है, बल्कि प्रशासन की असंवेदनशील कार्यप्रणाली को भी उजागर करता है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या जश्न मनाने के लिए गरीबों के आशियाने को छीन लेना ही एकमात्र विकल्प था?
घटना को लेकर कस्बे में गहरा आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रैन बसेरा किसी आयोजन स्थल की तरह इस्तेमाल करने के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के निर्वहन के लिए बनाया जाता है। नए साल के नाम पर नियमों को ताक पर रखकर कल्याणकारी भवन का दुरुपयोग करना पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
अब इस मामले में निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। देखना यह है कि क्या इस गंभीर प्रकरण में केवल औपचारिकता निभाई जाएगी या फिर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर ठोस कार्रवाई होगी। यदि ऐसे मामलों पर चुप्पी साध ली गई, तो भविष्य में सरकारी सुविधाओं के दुरुपयोग की यह परंपरा और भी गहरी होती चली जाएगी।





