Mohit Jain
Cold Wave in MP: मध्यप्रदेश में इस बार कड़ाके की ठंड का असर चरम पर है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों जैसे जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया है। मंगलवार सुबह शहडोल के कल्याणपुर में पारा 1.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। इसी वजह से पचमढ़ी झील पर हल्की धुंध नजर आई। कोहरे और ठंडी हवाओं ने सामान्य जीवन को प्रभावित किया है, और अब न्यू ईयर के सेलिब्रेशन में भी इसका असर दिखाई दे रहा है।
Cold Wave in MP: कोहरे से प्रभावित ट्रेन सेवाएं
दिल्ली से भोपाल, इंदौर और अन्य हिस्सों में आने वाली कई ट्रेनें कोहरे के कारण प्रभावित हैं। मालवा, शताब्दी, सचखंड और कर्नाटका एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें निर्धारित समय से लेट चल रही हैं। मध्यप्रदेश के छतरपुर, पन्ना, सतना, सीधी, ग्वालियर, भिंड और मुरैना में घना कोहरा बना हुआ है, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई है।
Cold Wave in MP: ठंड और वेस्टर्न डिस्टरबेंस का मिलाजुला असर
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी से प्रदेश में सर्दी और बढ़ गई है। सुबह का घना कोहरा और तेज ठंडी हवाएं कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे ले गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को जेट स्ट्रीम की रफ्तार 259 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची, जिससे रात का तापमान और गिरा।

प्रमुख शहरों में तापमान रिकॉर्ड
पूर्वी हिस्सों में पहली बार इतनी ठंड महसूस हुई। कल्याणपुर में 1.7 डिग्री, छतरपुर में 3 डिग्री, उमरिया में 3.1 डिग्री, खजुराहो में 4.4 डिग्री, पचमढ़ी में 4.8 डिग्री और भोपाल में 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर और ग्वालियर में 6.6 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 7 डिग्री पारा गिरा। प्रदेश के करीब 30 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे ही रहा।
Cold Wave in MP: नवंबर-दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ शीतलहर
इस सीजन में नवंबर और दिसंबर में शीतलहर ने रिकॉर्ड बनाए। नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर रही। 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री था। इंदौर में भी दिसंबर में पारा 6.4 डिग्री तक गिरा। मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर और जनवरी में उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाएं ठंड के लिए महत्वपूर्ण हैं।

कोहरे और सड़क यातायात पर असर
दतिया और खजुराहो में विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर के बीच रही। सतना, नौगांव, रीवा, सीधी, खरगोन और मंडला में भी घना कोहरा बना। कोहरे की वजह से सड़क यातायात में भी धीमापन और सावधानी की जरूरत बढ़ गई।
एमपी के प्रमुख शहरों में ठंड का असर
ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के जिलों में तेज ठंड और कोहरे का असर है। भोपाल संभाग के सीहोर, रायसेन, राजगढ़ और विदिशा में तापमान 4 डिग्री के आसपास रहा। सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में भी ठंड और कोहरे का प्रभाव देखा गया।
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मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा केवल मौसम की खासियत नहीं बल्कि लोगों के रोज़मर्रा के जीवन और यात्रा पर भी गंभीर असर डाल रहे हैं। ट्रेन सेवाओं में देरी, सड़क यातायात में विजिबिलिटी कम होना और रात के तापमान का अत्यधिक गिरना नए साल के उत्सव को चुनौतीपूर्ण बना सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड से होने वाली परेशानी से बचने के लिए गर्म कपड़े, पर्याप्त हीटिंग और सड़क पर सतर्कता आवश्यक है। इसके अलावा, मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करना और अचानक आने वाली सर्द हवाओं या कोहरे के दौरान यात्रा से बचना ही सुरक्षित विकल्प है। इस ठंड की लहर में सुरक्षा, सावधानी और सतर्कता ही सबसे जरूरी उपाय हैं।
मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा नए साल के उत्सव को चुनौतीपूर्ण बना रहा है। यात्रियों और आम लोगों को सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करने की आवश्यकता है।





