,

Rashtriya Kisan Diwas: किसान दिवस सिर्फ खाना पूर्ति, धान पूर्ति की व्यवस्था जस की तस

By: Chandrakant Pargir

Rashtriya Kisan Diwas,Koriya: आज पूरे देश में राष्ट्रीय किसान दिवस 2025 मनाया जा रहा है, लेकिन खेतों में मेहनत करने वाले किसानों के चेहरे पर उत्साह कम और चिंता ज्यादा दिखाई दे रही है। कोरिया जिले के अलग-अलग गांवों में हमारी टीम ने किसानों से बातचीत की और धान खरीदी को लेकर उनकी परेशानियों को जाना।

किसानों का कहना है कि सरकार ने हर एक दाना खरीदने की घोषणा तो की है, लेकिन खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था और देरी से उनकी मुश्किलें बढ़ जाती हैं। उन्होंने बताया कि धान बेचने के लिए उन्हें पहले टोकन कटवाने में ही कठिनाई हुई, रकबा कम कर दिया गया और उसे जोड़वाने के लिए अब तक दौड़ लगानी पड़ रही है। इससे उन्हें खाद, बीज और कर्ज चुकाने में भी दिक्कत हो रही है।

राष्ट्रीय किसान दिवस के मौके पर मंचों से किसानों के सम्मान की बातें की जा रही हैं, लेकिन हकीकत यह है कि किसान आज भी अपनी उपज बेचने के लिए संघर्ष कर रहा है। सवाल यही है कि क्या धान खरीदी व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा, ताकि किसान को उसका हक समय पर मिल सके।

किसान दिवस पर किसानों की यही सबसे बड़ी मांग और उम्मीद है।

Rashtriya Kisan Diwas क्या है और क्यों मनाया जाता है

राष्ट्रीय किसान दिवस हर साल 23 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिन भारत के महान नेता और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर समर्पित है। पटेल ने देश के एकीकरण और किसानों के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

इस दिन का मुख्य उद्देश्य है किसानों के योगदान को सम्मान देना और उनके संघर्ष व कठिन परिश्रम के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना। किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके बिना उत्पादन और विकास संभव नहीं।

राष्ट्रीय किसान दिवस पर अलग-अलग राज्यों में कृषि आधारित कार्यक्रम, सम्मान समारोह, पुरस्कार वितरण और खेती संबंधी प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं। इसके जरिए यह संदेश दिया जाता है कि किसान केवल भोजन उगाने वाले नहीं, बल्कि देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस दिन किसानों की समस्याओं और मांगों पर भी ध्यान दिया जाता है, ताकि उनकी जिंदगी और कामकाज बेहतर हो सके।

यह खबर भी पढ़ें: CG News: जानिए CG की 10 मुख्य खबरें (23-12-25)

Chanakya Niti: इन 5 बातों को कभी न बताएं दूसरों को, वरना बढ़ सकती हैं परेशानियां

Chanakya Niti में आचार्य चाणक्य ने जीवन को सफल और व्यवस्थित बनाने…

Chhattisgarh SIR: मतदाता सूची में 25 लाख की कमी पर सियासी घमासान, कांग्रेस-BJP आमने-सामने

Chhattisgarh SIR: छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR…

Kawardha News: तीन महीने में उखड़ गई 43 लाख की सड़क, जांच में फेल तो चला बुलडोजर

Kawardha News: कवर्धा जिले के पंडरिया ब्लॉक के गुंझेटा गांव में करीब…