BY: Yoganand Shrivastva
प्रकृति ने हमें कई स्वादिष्ट और पौष्टिक सब्जियां दी हैं, जिनमें तुरई (जिसे तोरई भी कहा जाता है) खास जगह रखती है। यह हल्की, गूदेदार और हरे रंग की सब्जी न सिर्फ बनाने में आसान है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है—बंगाली में ‘झिंगे’, तेलुगु में ‘बीरकाया’ और तमिल में ‘पीरकंगई’।
तुरई में विटामिन A और C के साथ आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम और फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स और अल्कलाइन यौगिक मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित रखते हैं और शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करते हैं।
तुरई के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ
- पाचन सुधारने में मददगार – इसमें मौजूद फाइबर कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है और पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखता है।
- इम्यूनिटी बूस्टर – विटामिन C और एंटीऑक्सिडेंट्स प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं।
- वजन घटाने में सहायक – कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर के कारण लंबे समय तक पेट भरा महसूस होता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा कम होती है।
- हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद – पोटेशियम की अच्छी मात्रा रक्तचाप नियंत्रित रखकर हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करती है।
- गर्मी से राहत – अधिक पानी की मात्रा शरीर को हाइड्रेट रखती है और प्राकृतिक कूलिंग का काम करती है।
- एसिडिटी में राहत – अल्कलाइन नेचर पेट की अम्लता को कम करने में मदद करती है और pH संतुलन बनाए रखती है।
- सूजन कम करने में मदद – इसमें मौजूद एंटीइंफ्लेमेटरी गुण सूजन और दर्द को कम कर सकते हैं।
- टॉक्सिन्स डिटॉक्स – शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है।
- समग्र पोषण – विटामिन, मिनरल्स और पानी का बेहतरीन संतुलन शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक है।
ध्यान दें – कुछ लोगों को तुरई खाने से एलर्जी या पाचन संबंधी दिक्कत हो सकती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।





