Uttar Pradesh : मंत्री अनिल राजभर रहे मुख्य अतिथि, भव्य मंचन और जीवंत दृश्यों ने बांधा समां
Uttar Pradesh : सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित तीन दिवसीय महानाट्य के दूसरे दिन कार्यक्रम ने भव्यता और आकर्षण से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मध्य प्रदेश शासन के संस्कृत विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवा नियोजन मंत्री अनिल राजभर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

Uttar Pradesh : इस अवसर पर वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी, विधान परिषद सदस्य अश्विन त्यागी, पूर्व विधायक जगदीश पटेल, सतेंद्र कुमार सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों का अंगवस्त्र, विक्रम पंचांग और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया।
महानाट्य के दूसरे दिन बाबा विश्वनाथ के हजारों भक्तों, कला प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने कार्यक्रम का आनंद लिया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि एक साथ तीन भव्य मंच तैयार किए गए थे, जिन पर अलग-अलग दृश्य एक साथ प्रस्तुत किए गए।

Uttar Pradesh : इन मंचों के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के विभिन्न प्रसंग—बाल्यकाल, राजतिलक, वीरता, न्यायप्रियता, सुशासन और विद्वानों के प्रति सम्मान—को जीवंत रूप में दिखाया गया। आधुनिक प्रकाश और ध्वनि तकनीक ने प्रस्तुति को और प्रभावशाली बना दिया।करीब 1 घंटा 45 मिनट चले इस महानाट्य में 200 से अधिक कलाकारों ने भाग लिया। मंच पर उज्जैन के महाकाल मंदिर की भव्य प्रतिकृति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। वहीं युद्ध के दृश्यों में घोड़ों की दौड़ और जीवंत प्रस्तुति ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
Uttar Pradesh : महानाट्य में 18 घोड़े, 2 रथ, 4 ऊंट, 2 पालकी और 1 हाथी के साथ सम्राट विक्रमादित्य के जीवन को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।कार्यक्रम से पहले मध्य प्रदेश के 150 से अधिक लोक कलाकारों ने मालवा की मटकी, निमाड़ का गणगौर, डिंडोरी का गुदम्बबाजा, सागर का बरेदी और उज्जैन के डमरू जैसे लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। इसके साथ ही लोक कला यात्रा के माध्यम से शहर में मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक झलक भी दिखाई गई।

