ऑपरेशन सिंदूर में ISRO के 10 बाहुबलियों का कमाल: कैसे साइंस ने सेना को दिया दुश्मन को तबाह करने का साथ

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BY: Yoganand Shrivastava

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में भारत की सेना के साथ-साथ इसरो (ISRO) की उन्नत तकनीक ने निर्णायक भूमिका निभाई। इस अभियान में इसरो के 10 सैटेलाइट्स, खासकर RISAT और Cartosat, ने 24 घंटे दुश्मन की गतिविधियों की बारीकी से निगरानी कर भारतीय सेना को सटीक और रियल टाइम जानकारी उपलब्ध कराई। इन सैटेलाइट्स की मदद से सेना ने बिना सीमा पार किए, महज 23 मिनट में दुश्मन के टारगेट को सफलतापूर्वक तबाह कर दिया।

ISRO के 10 सैटेलाइट्स की निगरानी से मिली जीत

इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन के अनुसार, देश की सुरक्षा के लिए कम से कम 10 सैटेलाइट लगातार काम कर रहे हैं। ये सैटेलाइट न केवल भारत की 7,000 किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा की निगरानी करते हैं, बल्कि उत्तर, पश्चिम और पूर्वी सीमाओं के संवेदनशील इलाकों पर भी नजर रखते हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन सैटेलाइट्स ने:

  • दुश्मन की लोकेशन और मूवमेंट की सटीक जानकारी दी।
  • आतंकियों के ठिकानों का पता लगाया।
  • दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया।

ऑपरेशन सिंदूर: सेना और साइंस का बेहतरीन समन्वय

ऑपरेशन सिंदूर में ISRO की तकनीक ने भारत की सैन्य ताकत को नई ऊंचाई दी। बिना किसी गलती या नुकसान के मिशन को सफल बनाने में RISAT और Cartosat सैटेलाइट्स ने खास योगदान दिया। सेना को मिली जानकारी ने दुश्मन की ‘आंखें’ बंद कर दीं और उसकी रक्षा प्रणाली को बेअसर कर दिया।

RISAT सैटेलाइट: 24 घंटे की अंधेरे में भी नजर

RISAT (Radar Imaging Satellite) में सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) तकनीक लगी है, जो बादलों और रात में भी उच्च गुणवत्ता वाली इमेजिंग प्रदान करती है। इसकी खासियतें:

  • दिन-रात और खराब मौसम में काम करने की क्षमता।
  • बॉर्डर मूवमेंट, कैंप लोकेशन और दुश्मन की गतिविधियों की निगरानी।
  • आतंकवाद और आपदा प्रबंधन में उपयोगी।

Cartosat सैटेलाइट: सटीक और हाई-रेजोल्यूशन ऑप्टिकल इमेजिंग

Cartosat सीरीज की खासियतें इस प्रकार हैं:

  • 1 मीटर से भी कम स्पैटियल रेजोल्यूशन के साथ जमीन की साफ तस्वीरें।
  • 3D मैपिंग के जरिए गहराई से जमीनी विश्लेषण।
  • वाहन, बंकर, रनवे जैसे टारगेट की पहचान।
  • शहरी और सीमावर्ती क्षेत्रों की सटीक निगरानी।
  • मिशन प्लानिंग के लिए सटीक नक्शे बनाना।

ऑपरेशन सिंदूर की बड़ी सफलता का राज: विज्ञान और सेना का मेल

  • ISRO के सैटेलाइट्स ने दुश्मन की तकनीकी चाल और हथियारों की लोकेशन की जानकारी दी।
  • भारतीय वायुसेना ने इस डेटा के आधार पर सीमांत क्षेत्र में बिना प्रवेश किए आतंकवादी ठिकानों को तबाह किया।
  • इसरो की तकनीक ने देश की सुरक्षा को आत्मनिर्भर और उच्चस्तरीय बनाया।

ऑपरेशन सिंदूर से मिली नई सीख

ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि जब विज्ञान और सेना एक साथ काम करते हैं, तो देश की सुरक्षा और भी मजबूत होती है। इसरो के RISAT और Cartosat सैटेलाइट्स ने भारतीय सेना को दुश्मन के खिलाफ सटीक और प्रभावी कार्रवाई करने का अवसर दिया। भविष्य में ऐसे हाईटेक सहयोग से भारत की सीमा सुरक्षा और कूटनीतिक ताकत और बढ़ेगी।

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