Report by: Raj Ratan Pareek, Edit by: Priyanshi Soni
Sirsa: सिरसा के इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) में इस बार 60 दिन का क्लोजर प्रस्तावित किया गया है। 20 मार्च के बाद आंशिक और पूर्ण क्लोजर लिया जाना तय माना जा रहा है। पहले 30 दिन आंशिक क्लोजर रहेगा, जिसमें पेयजल आपूर्ति जारी रहेगी, जबकि अगले 30 दिन पूर्ण बंदी रखी जाएगी। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद क्लोजर की अवधि और तारीखें स्पष्ट होंगी।
Sirsa: पंजाब में 16.62 किमी रिलाइनिंग का काम बकाया

पंजाब में राजस्थान फीडर की 16.62 किलोमीटर रिलाइनिंग का काम अभी बाकी है। इस बार क्लोजर अवधि में यह कार्य पूरा कराने के लिए विभाग ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। पंजाब के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर रिलाइनिंग कार्यों पर चर्चा की जा रही है। राजस्थान फीडर की आरडी 179 से आरडी 496 तक कुल 96.62 किलोमीटर लंबाई में रिलाइनिंग होनी थी, जिसमें से 80 किलोमीटर तक काम वर्ष 2024 तक पूरा हो चुका है।
Sirsa: पिछले साल क्लोजर में देरी से काम नहीं हो पाया
गत वर्ष पंजाब सरकार द्वारा क्लोजर को लेकर नोटिफिकेशन जारी करने में देरी हुई थी, जिसके कारण क्लोजर अवधि सीमित रही और रिलाइनिंग का काम बिल्कुल नहीं हो पाया। इस बार विभाग ने पहले से ही पूरी तैयारी कर ली है ताकि बकाया काम समय पर पूरा हो सके।
Sirsa: पश्चिमी राजस्थान के लिए जीवनदायिनी है IGNP
इंदिरा गांधी नहर परियोजना को पश्चिमी राजस्थान की जीवनदायिनी माना जाता है। हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर सहित करीब 12 जिलों में पेयजल आपूर्ति इसी नहर से होती है। इसलिए क्लोजर अवधि में पेयजल व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आंशिक बंदी रखी जाएगी।
Sirsa: क्लोजर में बकाया काम पूरा करने का लक्ष्य
पंजाब में आरडी 179 से 496 तक 96.62 किलोमीटर रिलाइनिंग के लिए बजट स्वीकृत है, जिसमें से करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष 16.62 किलोमीटर का काम इस बार क्लोजर में पूरा होने की उम्मीद है। इस परियोजना पर लगभग 1052 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जिसमें से राजस्थान सरकार अपनी 659 करोड़ रुपए की हिस्सेदारी पहले ही जारी कर चुकी है।
Sirsa: राजस्थान में भी बड़े पैमाने पर रिलाइनिंग कार्य पूरे
राजस्थान में मुख्य कैनाल और वितरिकाओं की रिलाइनिंग, सेम निस्तारण आदि कार्यों के लिए 3291.63 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत हुआ था। अब तक करीब 3 हजार करोड़ रुपए खर्च कर मुख्य नहर, इंदिरा गांधी फीडर और वितरिका तंत्र की लगभग 2 हजार किमी लंबाई में रिलाइनिंग करवाई जा चुकी है। कुल 2678 किमी रिलाइनिंग प्रस्तावित थी, जिनमें से अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं। बकाया काम इस बार के क्लोजर में पूरा किए जाने की संभावना है।
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