Report by : Suman
Sachin Pilot Vote Bandi को लेकर बीजेपी पर साधा निशाना
जयपुर में कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े विवाद को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। पायलट ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की चिंताओं को गंभीरता से लेने की मांग की।
सचिन पायलट ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची को लेकर जो सवाल विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे हैं, उनका जवाब पारदर्शी तरीके से मिलना चाहिए। उन्होंने इसे लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।
Sachin Pilot Vote Bandi में राहुल गांधी के प्रदर्शन का जिक्र
सचिन पायलट ने राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली में हुए विपक्ष के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। विपक्षी दलों के सांसदों ने मंगलवार को संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोक दिया, जिसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर में धरना दिया।
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं की मांग थी कि उन्हें चुनाव आयुक्तों से मुलाकात का मौका दिया जाए और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर अपनी आपत्तियां रखी जाएं। बाद में दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया।
Sachin Pilot Vote Bandi में ‘नोटबंदी के बाद वोटबंदी’ का तंज
सचिन पायलट ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले नोटबंदी की गई थी और अब वोटबंदी की जा रही है। उनका यह बयान चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस की ओर से लगातार उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में आया है।
पायलट का आरोप है कि मतदाताओं के अधिकार और वोटर लिस्ट से जुड़े मामलों को लेकर विपक्ष की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र की रक्षा के मुद्दे पर अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगी।
Sachin Pilot Vote Bandi में मतदाता सूची को लेकर विपक्ष के सवाल
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्ष का दावा है कि मतदाता सूची में नामों से जुड़ी गड़बड़ियों और कथित तौर पर नाम हटाए जाने के मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
इसी मुद्दे को लेकर INDIA ब्लॉक के सांसदों ने चुनाव आयोग तक मार्च करने की कोशिश की थी। प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग उठाई।
Sachin Pilot Vote Bandi में चुनाव आयोग ने रखा अपना पक्ष
विपक्ष के प्रदर्शन के बीच चुनाव आयोग ने अपने स्तर से स्थिति स्पष्ट की। आयोग ने कहा कि 6 अक्टूबर को शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल की ओर से प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात के लिए औपचारिक अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ था।
चुनाव आयोग के अनुसार शाम करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस के माध्यम से जानकारी मिली कि राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलना चाहता है और ज्ञापन सौंपना चाहता है। आयोग ने कहा कि करीब 240 सांसदों के साथ संसद भवन एनेक्सी में बैठक का प्रस्ताव था, जिसे निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप स्वीकार नहीं किया गया। आयोग के मुताबिक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात आयोग परिसर में होती है।
Sachin Pilot Vote Bandi में लोकतंत्र को लेकर कांग्रेस का आंदोलन
सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उनका कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है।
कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। इसी वजह से पार्टी चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना आंदोलन आगे बढ़ाने की बात कह रही है।
Sachin Pilot Vote Bandi पर बीजेपी और विपक्ष के बीच बढ़ा टकराव
चुनाव आयोग के मुद्दे पर बीजेपी और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। विपक्ष जहां SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठा रहा है, वहीं चुनाव आयोग ने निर्धारित प्रक्रिया और प्रोटोकॉल के तहत काम करने की बात कही है।
दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई के बाद यह विवाद और तेज हुआ। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक विरोध की आवाज दबाने से जोड़कर सवाल उठाए। दूसरी ओर पुलिस और चुनाव आयोग की ओर से घटनाक्रम को लेकर अलग पक्ष सामने रखा गया है।
Sachin Pilot Vote Bandi में आगे भी जारी रहेगा सियासी वार
राजस्थान में सचिन पायलट ने इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर हमला बोला है। उनके ‘नोटबंदी के बाद अब वोटबंदी’ वाले बयान ने चुनाव आयोग, मतदाता सूची और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
कांग्रेस इस मुद्दे को आगे भी उठाने की बात कह रही है, जबकि चुनाव आयोग अपनी निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के अनुसार काम करने की बात स्पष्ट कर चुका है। ऐसे में आने वाले दिनों में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर बीजेपी और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
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