Mohit Jain
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को हरियाणा के अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरकर इतिहास में एक और गौरवशाली अध्याय जोड़ा। यह उनकी दूसरी फाइटर जेट उड़ान है। इससे पहले उन्होंने असम के तेजपुर एयरबेस से सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी।
एयरफोर्स जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर

राष्ट्रपति मुर्मू के अंबाला पहुंचने पर एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और राष्ट्रपति ने जिप्सी में खड़े होकर परेड का निरीक्षण किया। राफेल में उड़ान से पहले उन्होंने फाइटर पायलट सूट पहना और एयरफोर्स अधिकारियों से चर्चा की। सुरक्षा कारणों से एयरबेस के आसपास ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी भी लगाई गई थी।
अंबाला से उड़ान का खास संदेश
अंबाला एयरबेस से राष्ट्रपति की उड़ान रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि यहीं राफेल की पहली स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरो’ (17 स्क्वाड्रन) तैनात है। इसी स्क्वाड्रन ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में आतंकी ठिकानों को तबाह करने में प्रमुख भूमिका निभाई थी।
#WATCH | Haryana: President Droupadi Murmu will shortly take a sortie in the Rafale aircraft at the Ambala Air Force Station
— ANI (@ANI) October 29, 2025
Indian Air Force chief Air Chief Marshal Amar Preet Singh is also present here. pic.twitter.com/QRGXhF4YOp
फ्रांस से सीधे अंबाला पहुंचे थे राफेल
राफेल विमानों का पहला बैच 2020 में फ्रांस से सीधे अंबाला पहुंचा था। आज राष्ट्रपति मुर्मू ने उन्हीं विमानों में उड़ान भरी और इस मौके पर ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े वीर जवानों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में वायुसेना प्रमुख अमरप्रीत सिंह, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्री अनिल विज, और कई रक्षा व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।





