Project Monitoring Group : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में संचालित राष्ट्रीय परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी
by: vijay nandan
Project Monitoring Group (PMG) भारत सरकार की एक प्रमुख संस्थागत व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य बड़े बुनियादी ढांचा एवं औद्योगिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली अंतर-मंत्रालयी एवं अंतर विभागीय समस्याओं का समयबद्ध समाधान कर परियोजनाओं को तीव्र गति प्रदान करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व तथा केंद्र और राज्य में डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के परिणामस्वरूप PMG आज बुनियादी ढांचा विकास को गति देने एवं अटकी हुई निवेश परियोजनाओं को पुनः सक्रिय करने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।
पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, स्पष्ट नीति-दृष्टि एवं प्रो-एक्टिव गवर्नेस के कारण ही देश में दशकों से लंबित एवं जटिल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करना संभव हो पाया है। प्रधानमंत्री ने शासन को केबल प्रक्रियात्मक न रखकर परिणामोन्मुख और जवाबदेह बनाया, जहाँ प्रत्येक परियोजना की प्रगति, बाधा और समाधान की सीधी निगरानी सुनिश्चित की गई। PMG और PM PRAGATI जैसे संस्थागत तंत्र इसी नेतृत्व दृष्टिकोण का परिणाम हैं, जिनके माध्यम से केंद्र और राज्य के सभी हितधारकों को एक मंच पर लाकर निर्णय-निर्माण को तेज किया गया।
Project Monitoring Group : PMG एवं PM PRAGATI के प्रभावी हस्तक्षेप से चेनाब रेलवे ब्रिज जैसे विश्व-स्तरीय इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट, जो वर्षों तक विभिन्न बाधाओं के कारण अटके रहे थे, साकार हो सके। इसी प्रकार, ब्रह्मपुत्र नदी पर स्थित बोगीबील ब्रिज, जो लंबे समय तक लंबित था, को सक्रिय निगरानी एवं अंतर-विभागीय समन्यय के माध्यम से रिकॉर्ड समय में जनता को समर्पित किया गया। वहीं, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जैसी अत्यंत जटिल परियोजना में भूमि, पर्यावरण एवं बहु-एजेंसी समन्वय से जुड़ी समस्याओं का समाधान PMG के माध्यम से संभव हुआ। ये सभी उदाहरण इस बात के सशक्त प्रमाण हैं कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने समय, लागत और विश्वास-तीनों स्तरों पर ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
Project Monitoring Group : केंद्र-राज्य समन्वय से उल्लेखनीय उपलव्धियाँ
राष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट नीति मार्गदर्शन एवं राज्य सरकार द्वारा प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से PMG डांचे ने मापनीय एवं सत्यापन योग्य परिणाम दिए हैं। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, निरंतर फॉलो-अप तथा त्वरित प्रशासनिक निर्णयों के कारण राज्य प्रशासन की सक्रिय भूमिका ने उच्च समाधान दर सुनिश्चित की है।
Project Monitoring Group : प्रमुख उपलब्धियाँ (वर्तमान स्थिति अनुसार)
- 209 प्रमुख बुनियादी डांचा एवं औद्योगिक परियोजनाओं की निगरानी
- कुल परियोजना निवेश मूल्यः ₹7.85 लाख करोड़
- 322 क्रियान्वयन से संबंधित समस्याओं की पहचान
- 312 समस्याओं का सफल समाधान
- केवल 10 समस्याएँ वर्तमान में सक्रिय निगरानी में
- 110 परियोजनाओं में सभी समस्याओं का पूर्ण समाधान
- 77 परियोजनाएँ बिना किसी समस्या के प्रगति पर
- ₹4.85 लाख करोड़ मूल्य की परियोजनाएँ बाधाओं से मुक्त
वर्तमान में निगरानी में शेष सीमित समस्याएँ नवीन, प्रक्रियागत एवं क्रियान्वयन के सक्रिय चरण से संबंधित हैं, जो परियोजना प्रबंधन की सतत एवं गतिशील प्रकृति को दर्शाती हैं। यह किसी भी प्रकार के दीर्घकालिक लंबित मामलों का संकेत नहीं है। PMG के माध्यम से लगभग 94 प्रतिशत समस्याओं का समाधान शासन की प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
Project Monitoring Group (PMG) के अंतर्गत PM PRAGATI एक विशेष और सशक्त तंत्र है, जिसके माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा रणनीतिक, उच्च मूल्य एवं जटिल परियोजनाओं की प्रत्यक्ष समीक्षा की जाती है। PMG के व्यापक निगरानी ढांचे के भीतर PM PRAGATI उन परियोजनाओं पर केंद्रित है, जिनमें त्वरित निर्णय और उच्च-स्तरीय हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है।

वर्तमान में PMG के अंतर्गत PM PRAGATI में कुल 39 प्रमुख परियोजनाएँ सम्मिलित हैं, जिनमें से 27 परियोजनाओं से संबंधित मुद्दों का पूर्ण समाधान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 8 परियोजनाएँ बिना किसी समस्या के सुचारु रूप से प्रगति पर हैं, जबकि 04 परियोजनाएँ वर्तमान में सक्रिय निगरानी एवं समयबद्ध समाधान की प्रक्रिया में हैं।
PM PRAGATI मंच पर केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठतम अधिकारियों की नियमित सहभागिता से नीतिगत, अंतर-मंत्रालयी एवं क्रियान्वयन से जुड़े निर्णय उच्च स्तर पर शीघ्रता से लिए जा रहे हैं, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गति, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है।
Project Monitoring Group : आर्थिक एवं विकासात्मक प्रभाव
- PMG के माध्यम से परियोजना समस्याओं के समाधान से निम्नलिखित महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त हुए हैं:
- समय एवं लागत में वृद्धि पर प्रभावी नियंत्रण
- महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का तीव्र क्रियान्वयन
- निवेशकों के विश्वास में वृद्धि
- रोजगार सृजन एवं आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन
- राज्य के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास को मजबूती
- परिणामोन्मुख शासन का सशक्त उदाहरण
PMG की सफलता यह सिद्ध करती है कि डबल इंजन सरकार के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य का समन्चित नेतृत्व त्वरित निर्णय, प्रभावी क्रियान्वयन एवं धरातल पर ठोस परिणाम सुनिश्चित करता है। PMG आगे भी बुनियादी ढांचा आधारित विकास को गति देने एवं भारत के विकास पथ को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
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