BY
Yoganand Shrivastava
Delhi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड के जरिए राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने वैश्विक उथल-पुथल, खेल जगत की उपलब्धियों और युवाओं की भागीदारी जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। पीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि वैश्विक संघर्षों के इस दौर में भारत का सामर्थ्य और एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।

Delhi वैश्विक संघर्ष और अफवाहों से बचने की सलाह
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह क्षेत्र भारत की ऊर्जा जरूरतों का मुख्य केंद्र है। उन्होंने खाड़ी देशों में रह रहे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों की सुरक्षा के लिए वहां की सरकारों का आभार व्यक्त किया। पीएम ने देशवासियों को आगाह किया कि युद्ध के कारण बन रहे आर्थिक दबाव के बीच कुछ लोग राजनीति और अफवाहें फैला रहे हैं, जिनसे जागरूक रहने की जरूरत है। उन्होंने भरोसेमंद सरकारी सूचनाओं पर ही विश्वास करने की अपील की।

Delhi क्रिकेट की जीत और युवाओं का बढ़ता सामर्थ्य
खेलों पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने टी20 विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक जीत को याद किया। उन्होंने विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर की क्रिकेट टीम को 7 दशकों के बाद पहली बार रणजी ट्रॉफी जीतने पर बधाई दी। टीम के कप्तान पारस डोगरा और गेंदबाज आकिब नबी के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इससे कश्मीर के युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह जगेगा। साथ ही, उन्होंने ‘MY भारत’ संगठन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में जुटे युवाओं और न्यूयॉर्क हाफ मैराथन में रिकॉर्ड बनाने वाले गुलवीर सिंह का भी जिक्र किया।

Delhi स्वास्थ्य, शिक्षा और जल संरक्षण का मंत्र
पीएम ने आगामी ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के लिए लोगों को अभी से तैयारी करने और खान-पान में 10% तेल व चीनी की कटौती करने का सुझाव दिया। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने नागालैंड की पारंपरिक ‘मोरूंग शिक्षा’ पद्धति और बेंगलुरु के प्रयोग इंस्टीट्यूट की सराहना की। इसके अलावा, उन्होंने गर्मियों के मद्देनजर ‘अमृत सरोवर’ अभियान के जरिए जल संचय करने और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वाराणसी में बने विश्व रिकॉर्ड का उदाहरण देकर पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया।





