MP PWD News : भोपाल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के इंजीनियरों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि इंजीनियर आधुनिक युग के विश्वकर्मा हैं। वे केवल सड़क, पुल और भवन ही नहीं बनाते, बल्कि विकास की मजबूत नींव तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों में बेहतर योजना, गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ कार्य करना ही वास्तविक सफलता का मार्ग है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित लोक निर्माण विभाग की एक दिवसीय वर्कशॉप-कम-ट्रेनिंग प्रोग्राम का शुभारंभ कर रहे थे। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने मुख्यमंत्री का शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। एमपीआरडीसी के प्रबंध संचालक भरत यादव ने शिक्षाविद्, लेखक और प्रबंधन सलाहकार विक्रांत सिंह तोमर का स्वागत किया। प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी सुखबीर सिंह ने स्वागत भाषण दिया। मंच पर सी.वी. चक्रवर्ती, मुख्य अभियंता संजय मस्के, मुख्य अभियंता बी.पी. बौरासी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

MP PWD News : सीमित संसाधनों में उत्कृष्टता का मंत्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शासन की व्यवस्थाओं में संसाधन सीमित होते हैं, लेकिन यदि योजना सटीक हो, अनुमान (एस्टिमेट) सही बने, दस्तावेजीकरण व्यवस्थित हो और गुणवत्ता की सतत निगरानी हो, तो बेहतर परिणाम संभव हैं। उन्होंने इंजीनियरों से अपील की कि वे तकनीकी दक्षता के साथ नैतिक मूल्यों को भी प्राथमिकता दें।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और नवाचार को अपनाना समय की आवश्यकता है। ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट, गुणवत्ता नियंत्रण और अनुसंधान आधारित कार्यप्रणाली को विभाग में बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) सहित विभाग ने केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान, आईआईटी मुंबई और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, भोपाल जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित किया है, जिससे परियोजनाओं की गुणवत्ता और तकनीकी मानक मजबूत हुए हैं।

MP PWD News : मन, बुद्धि और अहंकार का संतुलन जरूरी
मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में भारतीय दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा शरीर पंचतत्व पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से निर्मित है। इसके साथ मन, बुद्धि और अहंकार को मिलाकर आठ तत्व बनते हैं, जिन्हें ‘अपरा प्रकृति’ कहा गया है, जबकि आत्मा ‘परा प्रकृति’ का स्वरूप है।
उन्होंने कहा कि यदि हम मन, बुद्धि और अहंकार को संतुलित रखते हुए कार्य करें, तो हमारी पहचान हमारे कार्यों से बनती है। विनम्रता और समर्पण के साथ किया गया कार्य ही स्थायी सफलता देता है। अहंकार त्यागकर क्षमता और योग्यता का पूर्ण उपयोग करने से हर विभाग उत्कृष्टता प्राप्त कर सकता है।
MP PWD News : तकनीक आधारित निगरानी और पारदर्शिता
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि विभाग में औचक निरीक्षण की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। जो अधिकारी और कर्मचारी बेहतर कार्य करेंगे, उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि अनियमितता करने वालों पर कार्रवाई होगी।
उन्होंने बताया कि पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर बजट मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिसमें पिछले तीन वर्षों के बजट में शामिल सड़कों का पूरा डाटा उपलब्ध रहेगा। इससे यह स्पष्ट होगा कि किस सड़क पर कब और कितना कार्य हुआ। भास्कराचार्य संस्थान के सहयोग से विकसित इस सिस्टम से बजट का अधिकतम और संतुलित उपयोग सुनिश्चित होगा। “हर एक किलोमीटर का जवाब और हर एक रुपये का हिसाब” अब डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा।
मंत्री सिंह ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक के दौर में इंजीनियरों का नियमित प्रशिक्षण आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विभाग ने समयानुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं, ताकि अधिकारी नवीनतम तकनीकों और प्रबंधन प्रणालियों से अपडेट रहें।


- प्रशिक्षण कैलेंडर एवं परियोजना प्रबंधन पुस्तिका का विमोचन
- परियोजना प्रबंधन प्रणाली–2.0 डिजिटल प्रबंधन प्रणाली का प्रदर्शन एवं औपचारिक शुभारंभ
- MPRDC-MPBDC द्वारा राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं, केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान, भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी, इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया,भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई तथा स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।
MP PWD News : कार्यक्रम के अंत में प्रमुख अभियंता के.पी.एस. राणा ने आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ईमानदारी, दक्षता और नवाचार के साथ कार्य करते हुए मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा और प्रदेश की पहचान गुणवत्ता आधारित अधोसंरचना से बनेगी।
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