MP news: हर वर्ष 17 दिसंबर को देशभर में पेंशनर दिवस मनाया जाता है। इस दिन को पेंशनभोगियों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इसी क्रम में भोपाल में पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में शिवाजी नगर स्थित गुलाब गार्डन में पेंशनर दिवस का आयोजन किया गया।
75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ पेंशनरों को मंच पर सम्मानित किया गया। सम्मान पाते ही कई बुजुर्ग पेंशनर भावुक और उत्साहित नजर आए।
पेंशनर दिवस का ऐतिहासिक महत्व
पेंशनर्स एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी और प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने बताया कि 17 दिसंबर 1982 को सुप्रीम कोर्ट ने डी.एस. नाकारा बनाम भारत संघ मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पेंशन को अधिकार के रूप में मान्यता दी थी। उसी फैसले की स्मृति में हर साल पेंशनर दिवस मनाया जाता है।
मुख्य अतिथि और चर्चा
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त मेजर जनरल श्याम शंकर श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर पेंशनरों की समस्याओं, मांगों और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पेंशन व्यवस्था में हुए बदलावों का उल्लेख
वक्ताओं ने बताया कि वर्ष 2004 में अंशदायी पेंशन योजना लागू की गई, इसके बाद 2013 में पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण का गठन हुआ। अगस्त 2024 में पेंशन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एकीकृत पेंशन योजना को मंजूरी दी गई।
अब भी बनी हुई हैं समस्याएं
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि विभिन्न सुधारों के बावजूद मध्यप्रदेश में सरकारी पेंशनभोगियों की कई समस्याएं अभी तक पूरी तरह हल नहीं हो पाई हैं, जिनके निराकरण की जरूरत है।





