MP: देश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाला नारी शक्ति वंदन अधिनियम आज महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक बनकर उभरा है। यह कानून न केवल राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने की पहल है, बल्कि सामाजिक बदलाव की मजबूत नींव भी रखता है। यह अधिनियम संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करता है। इसका उद्देश्य निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है, जिससे नीतियां अधिक समावेशी और संतुलित बन सकें।
‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम, महिलाओं का राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। इससे राजनीति में महिलाओं की प्रतिनिधित्व क्षमता बढ़ेगी, ग्रामीण से शहरी स्तर तक महिलाओं की नेतृत्व भूमिका मजबूत होगी, सामाजिक मुद्दों पर संवेदनशील और प्रभावी निर्णय संभव होंगे। इसी को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में 10 से 25 अप्रैल तक प्रदेशव्यापी ‘नारी शक्ति वंदन’ पखवाड़ा मनाने का निर्णय लिया है।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी जनता तक पहुंचाना और महिला नेतृत्व का उत्सव मनाना है। प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों और छिंदवाड़ा, खरगोन एवं मंदसौर जिला मुख्यालयों पर भव्य ‘नारी शक्ति वंदन’ सम्मेलन आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों में महिला सांसदों, विधायकों, महापौर और पंचायत प्रतिनिधियों सहित सफल महिला उद्यमियों को सम्मानित कर उनके अनुभवों को साझा किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रत्येक लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र में नारी शक्ति पदयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें समाज की प्रबुद्ध महिलाएं सहभागिता करेंगी।
युवाओं को इस अभियान से जोड़ने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा विशेष ‘नारी शक्ति वंदन दीवार’ तैयार की जाएगी। दीवार पर युवा पीढ़ी पेंटिंग और संदेशों के माध्यम से नारी शक्ति के प्रति अपने विचार व्यक्त करेगी। पखवाड़े का एक महत्वपूर्ण पड़ाव 14 अप्रैल डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती होगा। इस दिन प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। त्रि-स्तरीय पंचायतों, नगरीय निकायों और शैक्षणिक संस्थानों में गोष्ठियां व सेमिनार आयोजित होंगे। महिला स्व-सहायता समूहों, ‘लखपति दीदी’ और ‘लाड़ली बहना’ को इस अभियान का मुख्य चेहरा बनाया जाएगा।
औद्योगिक, व्यापारिक और सहकारी संगठनों में भी व्याख्यान आयोजित कर महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक भागीदारी पर जोर दिया जाएगा। उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों में व्याख्यान और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। नारी शक्ति को सम्मान, अधिकार और नेतृत्व देने की दिशा में मध्यप्रदेश का यह पखवाड़ा सिर्फ आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक अभियान है, जो घर-घर तक बदलाव का संदेश लेकर जाएगा।
आपको बता दें कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिला आरक्षण विधेयक का नया नाम है, जिसे वर्ष 2023 में पारित किया गया। इसका उद्देश्य देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करना है। यह अधिनियम संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में अहम भूमिका निभाता है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, अधिकार और अवसरों की नई पहचान है। यह देश को एक ऐसे भविष्य की ओर ले जा रहा है, जहां महिलाएं हर फैसले में बराबरी से शामिल होंगी और नारी शक्ति वास्तव में राष्ट्र निर्माण की धुरी बनेगी। यह अधिनियम केवल आरक्षण का प्रावधान नहीं, बल्कि महिलाओं को मुख्यधारा की राजनीति में सशक्त बनाने का एक ठोस प्रयास है, जो आने वाले समय में भारतीय लोकतंत्र की दिशा तय कर सकता है।
MP: ‘नारी शक्ति वंदन’ उत्सव में खास
10 से 25 अप्रैल तक ‘नारी शक्ति वंदन’ उत्सव मनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की जानकारी जन-जन तक पहुंचाना और महिलाओं के नेतृत्व, योगदान तथा उपलब्धियों का सम्मान करना है। इस अभियान के जरिए महिला सशक्तिकरण को जन-उत्सव के रूप में स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार ने इसे व्यापक जनभागीदारी वाला अभियान बनाया है, जिसके तहत सभी संभाग मुख्यालयों के साथ-साथ छिंदवाड़ा, खरगोन और मंदसौर में विशेष सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। हर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र में पदयात्राएं निकालकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इस दौरान महिला नेताओं और उद्यमियों का सम्मान किया जाएगा तथा सफल महिलाओं को मंच देकर उनके अनुभव साझा कराए जाएंगे।
युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘वॉल ऑफ मैसेज’ जैसी पहल की जाएगी, जहां पेंटिंग और संदेशों के माध्यम से नारी शक्ति के प्रति समर्थन जताया जाएगा। 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर विशेष फोकस रहेगा और सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन कर अधिनियम और महिलाओं के अधिकारों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा स्कूल और कॉलेजों में निबंध, व्याख्यान और विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जबकि सोशल मीडिया पर प्रेरक वीडियो और डिजिटल अभियान चलाए जाएंगे। इस पूरे कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों के साथ ‘लाड़ली बहना’ और ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
MP: क्या है ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’?
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिला आरक्षण विधेयक का नया नाम है, जिसे वर्ष 2023 में पारित किया गया। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में सशक्त रूप से शामिल करना है। इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी, जिसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को भी समान रूप से 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान मिलेगा।
यह आरक्षण प्रारंभिक तौर पर 15 वर्षों के लिए लागू रहेगा, जिसे आवश्यकता अनुसार आगे बढ़ाया जा सकता है। अधिनियम के अनुसार आरक्षित सीटें समय-समय पर बदलती रहेंगी, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों की महिलाओं को प्रतिनिधित्व का अवसर मिल सके। हालांकि, इसे जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जाएगा, और इसका प्रभाव आगामी 2029 के चुनावों में चरणबद्ध तरीके से देखने को मिल सकता है। इस कदम से देश की राजनीति में संतुलन और समावेशिता बढ़ेगी तथा लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा।
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