मध्यप्रदेश में मानसून ने जोर पकड़ लिया है। बीते एक सप्ताह से राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। गुरुवार को भी हालात बिगड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 14 जिलों में अति भारी बारिश और 22 जिलों में भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इन 14 जिलों में गिर सकते हैं 8 इंच तक पानी
मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार को जिन 14 जिलों में अति भारी बारिश की संभावना है, उनमें 24 घंटे में 8 इंच तक बारिश हो सकती है:
- जबलपुर
- नर्मदापुरम
- बैतूल
- नरसिंहपुर
- छिंदवाड़ा
- पांढुर्णा
- सिवनी
- दमोह
- मंडला
- बालाघाट
- डिंडौरी
- उमरिया
- शहडोल
- अनूपपुर
इन 22 जिलों में भारी बारिश का खतरा
इन जिलों में अगले 24 घंटों में ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है:
- ग्वालियर
- श्योपुर
- मुरैना
- भिंड
- दतिया
- शिवपुरी
- अशोकनगर
- विदिशा
- सीहोर
- रायसेन
- सागर
- निवाड़ी
- टीकमगढ़
- छतरपुर
- पन्ना
- कटनी
- सतना
- मैहर
- रीवा
- मऊगंज
- सीधी
- सिंगरौली
दमोह में 9 घंटे में बरसे 4 इंच पानी
बुधवार को भी प्रदेशभर में भारी बारिश दर्ज की गई:
- दमोह: 9 घंटे में 4 इंच बारिश
- शिवपुरी: 3 इंच
- नौगांव-सतना: 1.8 इंच
- सीधी: 0.75 इंच
इसके अलावा बैतूल, इंदौर, खजुराहो, सागर, उमरिया, मैहर, टीकमगढ़ सहित कई अन्य जिलों में भी तेज बारिश होती रही।
भोपाल में दिनभर मौसम सामान्य रहा, लेकिन रात में हल्की बारिश दर्ज की गई।
क्या है वजह इतनी बारिश की?
IMD की सीनियर साइंटिस्ट डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार:
- प्रदेश में दो ट्रफ सिस्टम एक्टिव हैं
- साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से तेज बारिश हो रही है
- लो प्रेशर एरिया की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहेगी
13 जुलाई तक प्रदेश में लगातार बरसात
मौसम विभाग ने साफ किया है कि 13 जुलाई तक पूरे मध्यप्रदेश में रुक-रुक कर तेज बारिश जारी रहेगी।
- 12 जुलाई को इंदौर और उज्जैन संभाग में भी भारी बारिश की संभावना है
- अब तक इन दोनों क्षेत्रों में मानसून कमजोर रहा है
कैसे हुई इस साल मानसून की एंट्री?
- इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही पहुंच गया था
- महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में तय समय से पहले मानसून सक्रिय हो गया
- लेकिन MP में 16 जून को मानसून पहुंचा, एक दिन देरी से
- केवल 5 दिन में पूरे प्रदेश को मानसून ने कवर कर लिया
सावधानी जरूरी, अलर्ट का पालन करें
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, मध्यप्रदेश के अधिकतर जिलों में अगले कुछ दिन भारी बारिश के साए में रहेंगे। नदी-नालों का जलस्तर पहले से ही खतरे के निशान के करीब है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों और निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।





