by: digital desk
ग्वालियर/भोपाल: मध्यप्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मदिरा दुकानों के निष्पादन और राजस्व लक्ष्यों को लेकर राज्य सरकार सख्त रुख अपना रही है। आबकारी आयुक्त दीपक कुमार सक्सेना ने शासकीय राजस्व के हितों की अनदेखी और कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन जिलों के आबकारी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
mp excise : गुना और अशोकनगर में वित्तीय क्षति की आशंका
आबकारी आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिला अशोकनगर एवं गुना के प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी गुरुसहाय केवट को निलंबित किया गया है। जांच में पाया गया कि वर्ष 2026-27 की अवधि के लिए मदिरा दुकानों के निपटान में पारदर्शिता और प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई, जिससे शासन को बड़ी वित्तीय क्षति होने की संभावना बनी।
mp excise : बैतूल में लक्ष्य पूर्ति में विफलता
एक अन्य बड़ी कार्रवाई में बैतूल के जिला आबकारी अधिकारी श्री अंशुमन सिंह चिडार पर गाज गिरी है। उन पर आरोप है कि मदिरा दुकानों के निष्पादन में उन्होंने तत्परता नहीं दिखाई, जिसके कारण शासन द्वारा निर्धारित राजस्व लक्ष्य की पूर्ति नहीं हो सकी। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए उन्हें ‘मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम-1966’ के तहत निलंबित कर दिया गया है।
mp excise : राजस्व हितों से समझौता नहीं
आबकारी आयुक्त कार्यालय से जारी इन आदेशों ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि राजस्व संग्रहण और मदिरा दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निलंबित अधिकारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इन आदेशों की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव (वाणिज्यिक कर विभाग), संबंधित जिला कलेक्टरों और कोषालय अधिकारियों को आगामी कार्यवाही हेतु भेज दी गई है।
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