Lohri 2026: आज लोहड़ी का त्योहार देश और दुनिया में मनाया जा रहा है। यह पर्व मुख्य रूप से कृषि से जुड़ा हुआ है। पंजाब और हरियाणा में लोहड़ी की रौनक देखते ही बनती है, खासकर उन घरों में जहां नया विवाह हुआ हो। इस दिन सूर्य देव और अग्नि देव की विशेष पूजा की जाती है।
किसान अपनी रबी की फसल, खासकर गेहूं और सरसों, की कटाई की खुशियां लोहड़ी पर मनाते हैं। इस अवसर पर नाच-गाना होता है और नई फसल को लोहड़ी की अग्नि में भोग के रूप में अर्पित किया जाता है।
Lohri 2026: लोहड़ी अग्नि जलाने का शुभ मुहूर्त 2026

इस साल लोहड़ी की अग्नि 13 जनवरी की शाम 05:43 बजे से शुरू होकर 07:15 बजे तक शुभ मुहूर्त में जलाई जाएगी।
- इस साल लोहड़ी पर सुकर्मा और चित्रा योग है।
- इन शुभ योगों में लोहड़ी करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
Lohri 2026: लोहड़ी पूजा की सामग्री

लोहड़ी पूजा में निम्नलिखित सामग्री का प्रयोग होता है:
- लकड़ी और उपले
- दूध और घी
- तिल और गुड़
- रेवड़ी और मूंगफली
- मक्का (पॉपकॉर्न)
Lohri 2026: लोहड़ी पूजा विधि (Lohri Puja Vidhi)

- लोहड़ी की शाम घर के बाहर या खुली जगह पर साफ-सफाई करें।
- लकड़ियां और उपले इकट्ठा करके ढेर बनाएं।
- शुभ मुहूर्त में लोहड़ी की अग्नि जलाएं।
- अग्नि की परिक्रमा करें और उसमें दूध और जल अर्पित करें।
- अग्नि में तिल, गुड़, रेवड़ी, मूंगफली और मक्का अर्पित करें। किसान गेहूं की बालियां भी अर्पित करते हैं।
- अग्नि की कम से कम 7 या 11 परिक्रमा करें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
- पूजा के बाद सभी को रेवड़ी और मूंगफली का प्रसाद वितरित करें।
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Lohri 2026 का पर्व सूर्य और अग्नि की पूजा के साथ मनाना अत्यंत शुभ माना जाता है। शुभ मुहूर्त में पूजा और पारंपरिक भोजन करने से संपत्ति, खुशहाली और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. स्वदेश न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।





