BY
Yoganand Shrivastava
Kanpur : सोशल मीडिया पर मशहूर होने और वायरल कंटेंट बनाने की सनक युवाओं पर किस कदर हावी है, इसका एक भयावह उदाहरण कानपुर के गुजैनी थाना क्षेत्र में देखने को मिला। यहाँ आठ यूट्यूबर्स ने एक ‘प्रैंक वीडियो’ बनाने के लिए 10 साल के मासूम का अपहरण कर लिया और उसके परिजनों से लाखों की फिरौती मांग ली। पुलिस की सख्ती के बाद अब ये आरोपी सलाखों के पीछे पहुँच गए हैं।
सब्जी लेने निकले मासूम को धमकाकर मंगवाई फिरौती
Kanpur घटना 11 फरवरी की शाम की है, जब बर्रा-8 निवासी 10 वर्षीय हर्षल सब्जी खरीदने घर से निकला था। रास्ते में यूट्यूबर्स के गिरोह ने उसे अपनी बातों में फंसाया और सुनसान जगह ले जाकर धमकाया। आरोपियों ने बच्चे के हाथ में फोन थमाकर जबरन उसकी मां को कॉल करवाया और 2 लाख रुपये की मांग करवाई। डरे-सहमे बच्चे की रोने वाली आवाज सुनकर परिवार में कोहराम मच गया। करीब 25 मिनट बाद दोबारा कॉल कर किदवई नगर में पैसे पहुँचाने का निर्देश दिया गया।
सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन से बेनकाब हुआ गिरोह
Kanpur बच्चे की मां की शिकायत पर डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने इलाके के 150 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि फिरौती के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर आंध्र प्रदेश और कन्नौज के थे। 48 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने गिरोह के 8 सदस्यों को दबोच लिया, जिनमें तीन नाबालिग भी शामिल हैं। मुख्य आरोपियों की पहचान अरविंद सिंह, चंदन, लकी, शाहिद और अमन कटियार के रूप में हुई है।
पुलिस के सामने कान पकड़कर मांगी माफी, अब जेल की बारी
Kanpur पकड़े जाने के बाद यूट्यूबर्स का सारा ‘स्वैग’ हवा हो गया। पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे केवल एक प्रैंक वीडियो शूट करना चाहते थे ताकि यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर व्यूज मिल सकें। पुलिस को उनके अकाउंट से 150 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। पकड़े गए आरोपियों में से एक, अमन कटियार, पर पहले से ही चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। डीसीपी के सामने सभी आरोपी कान पकड़कर माफी मांगते और गिड़गिड़ाते नजर आए, लेकिन पुलिस ने अपहरण और रंगदारी की धाराओं में कार्रवाई करते हुए बालिगों को जेल और नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेज दिया है।
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