Report: Devendra Jaiswal
Indore news: आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) इंदौर ने कबीर रीयल्टी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर मुर्तजा मलिक, सिराजुद्दीन मलिक और सिराजुद्दीन मलिक की पत्नी सलमा मलिक के खिलाफ बैंक और फ्लैट खरीदारों से धोखाधड़ी करने के आरोप में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला संघी कॉलोनी, इंदौर स्थित एक प्लॉट की धोखाधड़ी से जुड़ा है।
एक प्लाट को क्रय करने की नीयत से आरोपियों ने वर्ष 2008 में आईसीआईसीआई बैंक से 75 लाख रुपये का होम लोन लिया था। जांच में सामने आया है कि उक्त प्लॉट को बैंक के पास बंधक (गिरवी) रखा गया था। नियमों के अनुसार, जब तक लोन की पूरी राशि चुकता न हो जाए और बैंक की लिखित अनुमति न मिले, तब तक बंधक संपत्ति का किसी भी प्रकार से विक्रय या हस्तांतरण नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद आरोपियों ने उसी गिरवी प्लॉट पर बहुमंजिला निर्माण कर आठ फ्लैट तैयार किए और उन्हें अलग-अलग लोगों को बेच दिया। आरोप है कि आरोपियों ने न तो बैंक को इस निर्माण और बिक्री की जानकारी दी और न ही लोन की शर्तों का पालन किया। समय के साथ वे लोन चुकाने में असफल रहे और डिफॉल्टर घोषित हो गए। बैंक के अनुसार, ब्याज और अन्य देयकों को मिलाकर अब आरोपियों पर चार करोड़ रुपये से अधिक की बकाया राशि हो चुकी है। मामले की शिकायत बैंक की ओर से की गई थी, जिसके बाद ईओडब्ल्यू ने विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि फ्लैट खरीदने वाले लोगों को यह जानकारी नहीं दी गई कि जिस जमीन पर फ्लैट बने हैं, वह पहले से ही बैंक के पास गिरवी है। इस कारण फ्लैट धारक भी कानूनी संकट में फंस गए हैं। ईओडब्ल्यू ने सभी फ्लैट धारकों को नोटिस जारी कर उनके बयान दर्ज किए हैं। ईओडब्ल्यू अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों द्वारा बैंक के साथ-साथ फ्लैट खरीदारों के साथ भी धोखाधड़ी की गई है। प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





