BY: Yoganand Shrivastva
इंदौर: शहर कांग्रेस में छिड़ा विवाद अब दिल्ली आलाकमान तक पहुंच गया है। यह मामला तब गर्माया जब इंदौर में हुए एक ऑडियो लीक के बाद शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ अपशब्द इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली आलाकमान ने पूरी स्थिति की जानकारी तलब कर ली है। वहीं, विवादित बयान देने वाले चौकसे का कहना है कि उन्होंने कभी दिग्विजय सिंह के खिलाफ कुछ बोलने का विचार नहीं किया। इसके अलावा शहर कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि चौकसे पर कार्रवाई करते हुए मामले की पूरी जांच करवाई जाए।
पूरा मामला क्या है:
दरअसल, इंदौर-4 से बीजेपी विधायक मालिनी गौड़ के बेटे की शीतलामाता बाजार में जिहादी मानसिकता के लोगों को बाहर करने की मुहिम के दौरान दिग्विजय सिंह इंदौर पहुंचे थे। इसी दौरान शहर अध्यक्ष चौकसे के खास समर्थक पार्षद राजू भदौरिया को डांटने का विवाद हुआ। अगले दिन दिग्विजय सिंह प्रभावित समुदाय के लोगों और पुलिस अधिकारियों से मिलते समय हंगामा हुआ, लेकिन चौकसे इस दौरान कहीं दिखाई नहीं दिए।बाद में चौकसे ने गांधी भवन में हुई जिला स्तरीय समन्वय बैठक में दिग्विजय सिंह का नाम लिए बिना कहा कि इंदौर में कोई बड़ा नेता बिना शहर और जिला संगठन की अनुमति के कार्यक्रम आयोजित नहीं कर सकता। यह बयान चौकसे ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया।
विवाद और ऑडियो वायरल:
इस बयान के बाद दिग्विजय के समर्थक और पूर्व शहर अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा ने चौकसे को फोन कर समझाने की कोशिश की। बातचीत का ऑडियो वायरल हो गया, जिसमें चौकसे को दिग्विजय सिंह के खिलाफ अपशब्द बोलते और गालियां देते सुना जा सकता है।
दिल्ली आलाकमान की कार्रवाई:
ऑडियो वायरल होने के बाद शहर कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे से शिकायत की। पत्र में कहा गया कि चौकसे का यह बयान वरिष्ठ नेताओं का अपमान करने वाला और संगठन की गरिमा को नुकसान पहुँचाने वाला है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की ताकि पार्टी में एकता और अनुशासन बनाए रखा जा सके।





