BY: Yoganand Shrivastva
दबोह (म.प्र.): दबोह की गल्ला मंडी में शासन की अनदेखी और अफसरों की लापरवाही के चलते सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंच रहा है। मंडी में कई जगह पर नियमों को ताक पर रखकर व्यापार हो रहा है, जिससे टैक्स चोरी चरम पर है।
बिना डांक के हो रही तुलाई
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की तुलाई बिना वैध डांक के की जा रही है। व्यापारी मंडी शुल्क चुकाए बिना ही खरीददारी कर रहे हैं, जिससे मंडी को लाखों रुपये के राजस्व का घाटा हो रहा है।
सरकारी कागज बन रहे फर्जी तरीके से
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मंडी के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से बिना डांक के ही दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं, जिससे असली किसान को उचित मूल्य और सुविधाओं से वंचित होना पड़ता है।
नंबर दो में चल रहा व्यापार
व्यापारियों द्वारा गुप्त तरीके से माल खरीदा जा रहा है और उसे रजिस्टर में दर्ज नहीं किया जा रहा, जिससे कर चोरी लगातार बढ़ रही है। साथ ही, किसानों से औने-पौने दामों पर अनाज खरीदा जा रहा है।
लाइसेंसविहीन व्यापारियों का बोलबाला
गल्ला मंडी कार्यालय के सामने ही बिना लाइसेंस वाले व्यापारियों ने अपने फड़ जमा लिए हैं। ये लोग खुलेआम अनाज की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं, लेकिन मंडी प्रशासन पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है।
मंडी कार्यालय की हालत बदतर
गर्मी के मौसम में मंडी में किसानों के लिए छांव और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। वहीं, मंडी कार्यालय पूरी तरह से एक चपरासी के भरोसे चल रहा है, जिससे किसानों और व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
मामला पहुंचा वरिष्ठ अधिकारियों तक
इन तमाम अनियमितताओं की जानकारी क्षेत्र के प्रभारी मंत्री और भोपाल स्थित वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है। अब देखना होगा कि मंडी में सुधार को लेकर शासन-प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
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