Honey Trap : एमपी में श्वेता जैन ही है मास्टरमाइंड,जेल में हुई दोस्ती, फिर तैयार हुआ पूरा नेटवर्क
Honey Trap : मध्य प्रदेश के बहुचर्चित ‘हनी ट्रैप’ का part 2 इन दिनों खूब चर्चा में है… सिर्फ एमपी ही नहीं भारत में हनी ट्रैप के तार कई राज्यों में फैले हैं, जिनमें संगठित गिरोह रसूखदार लोगों जैसे राजनेता, सरकारी अधिकारी, पत्रकार और बड़े कारोबारियों को अपने हुस्न के जाल में फंसाते हैं यह राज्य इन घोटालों का मुख्य केंद्र रहा है। इंदौर और भोपाल में ‘हनी ट्रैप’ रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है इन मामलों में मास्टरमाइंड श्वेता जैन, अलका दीक्षित सहित कई अन्य महिलाओं और बिचौलियों की गिरफ्तारी हो चुकी है हाल ही में उत्तर प्रदेश (जैसे बरेली) और कर्नाटक जैसे अन्य राज्यों में भी प्रभावशाली कारोबारियों और मंत्रियों को हनी ट्रैप में फंसाने और ब्लैकमेल करने के मामले सामने आए हैं। मध्यप्रदेश से रैकेट के मुख्य जालसाजों में श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन, बरखा सोनी, और आरती दयाल शामिल थीं। इसके अलावा हाल ही में, रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी और अलका दीक्षित को भी ब्लैकमेलिंग गिरोह में गिरफ्तार किया गया है। यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह ने गिरोह के खिलाफ 2 करोड़ रुपये की वसूली के लिए अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने की शिकायत दर्ज कराई। जांच और चार्जशीट के अनुसार, इस रैकेट के जाल में कई राजनेता, IAS – IPS अधिकारी और रसूखदार व्यापारी फंसे थे। हालांकि, पुलिस और SIT ने जांच की गोपनीयता बनाए रखते हुए अधिकांश प्रभावित प्रभावशाली लोगों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। उधर चर्चित हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग के मामले में पुलिस ने एक और महिला आरोपी को हिरासत में लिया है।

Honey Trap : सूत्रों के अनुसार बुधवार को सागर से हिरासत में ली गई महिला की पहचान रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी के रूप में हुई है। जांच एजेंसियां उसे इस पूरे कथित हनी ट्रैप नेटवर्क की अहम कड़ी मान रही हैं। बताया जा रहा है कि रेशू भारतीय जनता पार्टी के एक प्रकोष्ठ में पदाधिकारी भी रह चुकी है। इससे पहले क्राइम ब्रांच की टीम मामले की मुख्य आरोपी श्वेता विजय जैन, महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी और हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। मामले में नया मोड़ तब आया जब श्वेता विजय जैन ने पुलिस के सामने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई। तीनों महिलाएं एक-दूसरे से कनेक्ट है, सूत्रों के मुताबिक, श्वेता विजय जैन और अलका दीक्षित की पहचान जेल में हुई थी। दोनों की मुलाकातें कोर्ट पेशी के दौरान भी होती थीं। इसी दौरान रेशू भी अलका के संपर्क में आई।
Honey Trap : बताया जा रहा है कि इन्हीं मुलाकातों के दौरान कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क की रूपरेखा तैयार की गई। जांच में यह भी सामने आया है कि रेशू ने अलका को बताया था कि उसके कई नेताओं, अफसरों, प्रॉपर्टी कारोबारियों, फाइनेंसरों और शराब कारोबारियों से संपर्क हैं। इसी आधार पर प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाकर बड़ी रकम वसूलने की योजना बनाई गई। फिलहाल पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता उन वीडियो, ऑडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को बरामद करना है, जिनका उपयोग कथित रूप से लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था। जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ ऑडियो और वीडियो फाइलें मिलने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इन फाइलों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि किन-किन लोगों को इस नेटवर्क ने निशाना बनाया था। इधर 2019 हुए हनी ट्रैप के बाद अब पार्ट 2 रिटर्न हुआ है जो सामाजिक ताने-बाने के साथ ब्लैकमेलिंग के इस मकडजाल पर सवाल खड़ा करता है ?
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