हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के नाम वाला स्टैंड हटाया जाएगा। हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) को यह निर्देश राज्य क्रिकेट निकाय के नैतिकता अधिकारी और लोकपाल जस्टिस वी. ईश्वरैया ने दिए हैं। HCA को अजहरुद्दीन के नाम से टिकट छापने पर भी रोक लगाई गई है।
कारण
यह निर्णय हितों के टकराव के कारण लिया गया है। जस्टिस ईश्वरैया ने अजहरुद्दीन को नियमों का उल्लंघन करने और अपने पद का दुरुपयोग कर स्वयं को लाभ पहुंचाने का दोषी पाया। यह शिकायत हैदराबाद की लॉर्ड्स क्रिकेट क्लब (LCC) ने 28 फरवरी 2025 को दर्ज की थी, जो HCA की सदस्य संस्था है।
LCC का कहना था कि अजहरुद्दीन ने HCA के नियमों का उल्लंघन करते हुए नॉर्थ स्टैंड का नाम अपने नाम पर करवाया, जबकि इसे वीवीएस लक्ष्मण पवेलियन के नाम से जाना जाना चाहिए। शिकायत में इसे गैरकानूनी और मनमाना कदम बताया गया।
पृष्ठभूमि
25 नवंबर 2019 को अजहरुद्दीन की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में नॉर्थ स्टैंड को उनके नाम पर करने का फैसला लिया गया था, जो पहले वीवीएस लक्ष्मण पवेलियन के नाम से जाना जाता था। इस निर्णय को अब गलत ठहराया गया है।
अन्य आरोप
अजहरुद्दीन ने पहले भी HCA पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिनमें टिकटों की कालाबाजारी, बकाया भुगतान और स्टेडियम में खराब शौचालय सुविधाओं का मुद्दा शामिल है। ये आरोप उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच IPL 2024 मैच से पहले लगाए थे।
क्या अजहरुद्दीन करेंगे विरोध?
हितों के टकराव पर बहस के बीच खबर है कि अजहरुद्दीन और सौरव गांगुली को अक्टूबर 2025 में होने वाले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के चुनावों में अपने-अपने बोर्ड का प्रतिनिधित्व करने के लिए नामित किया गया है। हालांकि, इस मामले में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
निजी जीवन में खुशखबरी
इस बीच, टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने पुष्टि की है कि उनकी बहन अनम की शादी अजहरुद्दीन के बेटे असद के साथ होने वाली है। यह खबर हाल ही में भारतीय खेल सम्मान समारोह के दौरान सामने आई।
निष्कर्ष
मोहम्मद अजहरुद्दीन के नाम वाले स्टैंड को हटाने का निर्णय HCA और क्रिकेट प्रशासन में पारदर्शिता और नियमों के पालन को दर्शाता है। यह मामला क्रिकेट प्रशंसकों और प्रशासकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।





