BY: Yoganand Shrivastva
Gwalior news: ग्वालियर में हाईकोर्ट के वकील मृत्युंजय सिंह चौहान द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला लगातार नए पहलुओं के साथ सामने आ रहा है। पुलिस जांच में मृतक के कमरे से शहीद भगत सिंह की प्रसिद्ध पुस्तक ‘जेल डायरी’ बरामद हुई है, जो उसके बेडरूम में सिरहाने रखी मिली। आशंका जताई जा रही है कि आत्मघाती कदम उठाने से पहले वकील यह पुस्तक पढ़ रहा था।
बताया जा रहा है कि किताब उसी पन्ने पर खुली हुई थी, जहां भगत सिंह ने आजादी, मुक्ति और फांसी से पहले के अपने विचार लिखे हैं। पुलिस का मानना है कि मृत्युंजय मानसिक रूप से बेहद टूट चुका था और उसने काफी सोच-विचार के बाद यह कदम उठाया।
मृतक वकील गोला का मंदिर क्षेत्र का निवासी था और पिछले करीब पांच वर्षों से मुरैना में पदस्थ एक महिला सब इंस्पेक्टर से प्रेम संबंध में था। परिजनों के अनुसार दोनों की 30 दिसंबर को शादी तय थी। 12 दिसंबर को मृत्युंजय अचानक प्रेमिका को सरप्राइज देने मुरैना स्थित उसके शासकीय आवास पहुंचा, जहां उसने उसे एक आरक्षक के साथ पाया। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और हाथापाई की स्थिति बन गई।

परिवार का आरोप है कि इस घटना के बाद मृत्युंजय ने थाने में शिकायत की, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इससे वह बेहद आहत हो गया। घर लौटकर उसने अपनी मां को फोन कर पूरी घटना रोते हुए बताई और इसके कुछ ही समय बाद फांसी लगाकर जान दे दी।
घटना के बाद डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन सबसे पहले ग्वालियर सेंट्रल जेल पहुंचे, जहां मृतक के बड़े भाई ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद शव को वाराणसी ले जाया गया, जहां गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
मृत्युंजय के कमरे से पुलिस को मुरैना सिविल लाइन थाने को लिखा गया एक आवेदन भी मिला है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह न्याय न मिलने से बेहद निराश था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।





