रिपोर्ट:अरुण कुमार
Gorakhpur । अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक ‘जनता दर्शन’ के जरिए आम जनमानस की पीड़ा सुनी। इस दौरान उन्होंने न केवल लोगों की समस्याओं को संज्ञान में लिया, बल्कि मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त लहजे में समयबद्ध समाधान के निर्देश भी दिए।

जनता की चौपाल: दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में सीधा संवाद
Gorakhpur गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वयं फरियादियों के बीच पहुँचे। उन्होंने एक-एक कर लोगों से मुलाकात की और उनके प्रार्थना पत्र स्वीकार किए।
- निष्पक्ष समाधान का भरोसा: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी गरीब या असहाय के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
- अधिकारियों को निर्देश: प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए गए कि सभी मामलों का निस्तारण निष्पक्ष, पारदर्शी और संतोषजनक तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
आध्यात्मिक दिनचर्या: गुरु चरणों में वंदन
Gorakhpur जनता दर्शन से पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी नियमित आध्यात्मिक दिनचर्या का पालन किया। उन्होंने सबसे पहले भगवान गुरु गोरखनाथ के दर्शन-पूजन किए और मंदिर में विधिवत अर्चना की। इसके पश्चात, उन्होंने अपने पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा के समक्ष शीश झुकाकर उनका आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर के भ्रमण के दौरान उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
गोसेवा: गौवंश के प्रति दिखा गहरा लगाव
Gorakhpur मुख्यमंत्री की दिनचर्या का एक अभिन्न हिस्सा ‘गोसेवा’ भी रही। मंदिर परिसर स्थित गोशाला में पहुंचकर उन्होंने गौवंशों को उनके नामों से पुकारा, जिस पर गायों ने भी स्नेहपूर्ण प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से गोवंशों को रोटी और गुड़ खिलाया। पशु प्रेम और सेवा का यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।





