रिपोर्ट- अंकित राजूरकर, एडिट- विजय नंदन
भैंसदेही: यह सच ही कहा गया है कि यदि कर्म के प्रति सच्ची लगन हो, तो श्रमशील भुजाओं से इतिहास बन जाता है, और आज की बेटियाँ किसी से कम नहीं हैं। भैंसदेही की लाड़ली बिटिया डॉली सावरकर ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत से यह बात सच साबित कर दी है। उन्होंने अपनी पढ़ाई में समर्पण और लगन दिखाते हुए चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) होने का गौरव प्राप्त किया है, जिससे न केवल परिवार बल्कि पूरे नगर का नाम रोशन हुआ है।
साधारण परिवार से निकलकर असाधारण सफलता
डॉली सावरकर भैंसदेही के सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले, पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष और वर्तमान जनपद सदस्य, नवयुवक दुर्गा रामलीला मंडल संरक्षक ऋषभदास सावरकर और श्रीमती लता सावरकर की सुपुत्री हैं। साधारण पृष्ठभूमि से नाता रखते हुए भी डॉली ने इस प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की है। डॉली ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों और माता-पिता को दिया है, जिन्होंने उन्हें शिक्षा और अच्छे संस्कार दिए।

शिक्षा का सफ़र और पारिवारिक पृष्ठभूमि
डॉली की प्रारंभिक शिक्षा नगर के निजी शिक्षण संस्थान एफ़लेक्स पब्लिक स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने सतपुड़ा वैली पब्लिक स्कूल, बैतूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने की तैयारी के लिए उन्होंने नागपुर से कोचिंग ली, जबकि अपना ग्रेजुएशन गवर्नमेंट कॉलेज, भैंसदेही से पूरा किया।
- सावरकर परिवार में पहले से ही शिक्षा और सरकारी सेवा का माहौल रहा है
- बड़े भाई हरी भाऊ सावरकर वन विभाग में रेंजर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
- भाई स्व. धर्मचंद सावरकर भी प्रधान पाठक के पद से सेवानिवृत्त हुए।
- छोटे भाई योगराज सावरकर जी वर्तमान समय में सीहोर में एई (AE) के पद पर कार्यरत हैं।
- परिवार के इस शैक्षिक माहौल ने निश्चित रूप से डॉली की सफलता की राह आसान की है।
नगरवासियों ने दी बधाई
डॉली की इस बड़ी उपलब्धि पर भैंसदेही नगर में खुशी का माहौल है। भाजपा ज़िला उपाध्यक्ष, परिवारजनों, रिश्तेदारों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकारों, सामाजिक बंधुओं, जनप्रतिनिधियों और शैक्षिक संगठनों सहित अनेक लोगों ने उन्हें हार्दिक बधाई और आशीर्वाद दिया है, और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।





