उज्जैन: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़नगर में बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने तीन गांवों के नाम बदलने का ऐतिहासिक ऐलान किया है। गजनी खेड़ी गांव को चामुंडा नगर, मौलाना गांव को विक्रम नगर और जहांगीरपुर को जगदीशपुर नाम दिया जाएगा, जो स्थानीय इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को नया आकार देंगे। साथ ही, सीएम राइज स्कूल का नाम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर रखकर शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जुलाई 2024 में सरकार ने कई गांवों के नाम में परिवर्तन किए थे। मध्य प्रदेश सरकार ने कुंडम का नाम कुंडेश्वर धाम, कूंची का चंदनगढ़ और कुंडिया का कर्णपुर किया था। जिसकी अधिसूचना जारी कर नाम परिवर्तन लागू भी कर दिया गया था।
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बड़नगर तहसील के ग्राम गजनीखेड़ी स्थित श्री चामुण्डा धाम मन्दिर में पूजा अर्चना कर देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रहलाद जोशी, सांसद श्री अनिल फिरोजिया और विधायक श्री जितेन्द्र पंडयाने भी पूजा की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, सरपंच, पुजारी श्री ईश्वरगिरी गोस्वामी सहित जन-प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
पुजारी श्री ईश्वरगिरी गोस्वामी ने बताया कि गजनीखेड़ी में यहां चंड-मुंड का संहार करने वाली मां चामुंडा का ऐतिहासिक भव्य मंदिर है। वर्तमान में यह मंदिर पुरातत्व विभाग के अधीन है। माना जाता है कि यहां माता की प्रतिमा दिन में तीन रूप धारण करती है। यह छठी या सातवीं शताब्दी का गुप्तकालीन मंदिर है, गर्भ गृह की प्रमुख मूर्ति चामुंडा माता की है। बाजू में स्कंद माता और प्रति स्कंद माता की मूर्ति है। दूसरी तरफ दुर्लभ शेषशायी गणेशजी की मूर्ति है। प्रसिद्ध पुरातत्वविद वी.एस. वाकणकर के अनुसार यह अत्यंत दुर्लभ मूर्ति है। इस प्रकार की दूसरी मूर्ति काठमांडू (नेपाल) में है। मंडप के दाहिनी ओर बाह्य भित्ति पर 11वीं सदी की पांच पंक्ति का नागरी लिपि में एक लेख उत्कीर्ण है। मंदिर के आंगन में दो छतरियां एवं एक कुंड स्थित है। यह स्थान निमाड़ सहित इंदौर क्षेत्र के अरझरे और लाड़ परिवार की कुलदेवी का स्थान माना जाता है।शारदीय नवरात्र में हजारों यात्री निमाड़ क्षेत्र से यहां आते है और तीन दिन तक रुककर पूजन-अर्चन करते हैं।