chhatarpur news 13 january : मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का रिवाज परिंदों की मौत का सबब बन गया है..?
chhatarpur news 13 january : छतरपुर; मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का रिवाज अब खुशियों के बजाय परिंदों की मौत का सबब बनता जा रहा है। पतंगबाजी के दौरान इस्तेमाल होने वाला नायलॉन और चाइनीज मांझा हर साल सैकड़ों बेजुबान पक्षियों की जान ले रहा है। आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें भले ही उत्सव का आनंद बढ़ाती हों, लेकिन उनके पीछे छुपा यह खतरा अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है।
chhatarpur news 13 january : इसी कड़ी में छतरपुर जिले के सटई स्थित MPEB कॉलोनी में एक दर्दनाक लेकिन राहत भरी घटना सामने आई। यहां एक दुर्लभ और विशाल उल्लू लगभग 50 फीट ऊंचे पेड़ पर पतंग के मांझे में फंस गया। मांझा उसके पंखों और शरीर में उलझा हुआ था, जिससे वह लंबे समय तक तड़पता रहा।

chhatarpur news 13 january : घटना का पता तब चला जब कॉलोनी में घूम रहे एक कुत्ते ने पेड़ की ओर देखकर लगातार भौंकना शुरू किया। कुत्ते के व्यवहार से सतर्क हुए लोगों ने ऊपर देखा तो उल्लू की हालत समझ में आई। तुरंत वन विभाग और MPEB को सूचना दी गई।

chhatarpur news 13 january : सूचना मिलते ही वन विभाग, MPEB और स्थानीय रेस्क्यू टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद उल्लू को सुरक्षित नीचे उतारा गया और प्राथमिक उपचार देकर उसकी जान बचाई गई।
chhatarpur news 13 january : यह घटना एक बार फिर चेतावनी है कि अगर पतंगबाजी के दौरान खतरनाक मांझे का इस्तेमाल नहीं रोका गया, तो मकर संक्रांति का यह रिवाज हर साल परिंदों के लिए जानलेवा बनता रहेगा।
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