- Advertisement -
Ad imageAd image

स्वदेश स्पेशल

Boycott of Hindi, a political tool!

हिंदी का बहिष्कार, सियासी औजार !

क्या ठाकरे ब्रदर्स का ‘मराठी टूलकिट‘ चलेगा? रिपोर्ट: विजय नंदन, एडिटर, डिजिटल एक ऐसा मुद्दा, जो सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश की सामाजिक एकता और राजनीतिक समझ पर सवाल खड़ा करता है। हिंदी का बहिष्कार या सियासी औजार? क्या मराठी अस्मिता के नाम पर छेड़ी गई ये मुहिम सच

सोशल मीडिया का असर: युवाओं की सोच से लेकर परिवार तक सबकुछ बदला!

सोशल मीडिया का असर: युवाओं की सोच से लेकर समाज तक सबकुछ बदला!

क्यों ज़रूरी है इस विषय पर बात करना? आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया हमारी ज़िंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। WhatsApp से लेकर Instagram, Facebook से Twitter तक, हम हर दिन घंटों इन प्लेटफॉर्म्स पर बिताते हैं। लेकिन क्या हमने कभी यह सोचा है कि इसका हमारे

अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस: सहयोग की शक्ति और समृद्धि का वैश्विक उत्सव

हर वर्ष जुलाई के पहले शनिवार को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस (International Day of Cooperatives) न सिर्फ सहकारिता आंदोलन की उपलब्धियों को रेखांकित करता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में इसके योगदान को भी सम्मानित करता है। यह दिवस हमें याद

यज़ीद इब्न मुआविया और कर्बला की कहानी

यज़ीद इब्न मुआविया और कर्बला की कहानी | इस्लामिक इतिहास का सबसे बड़ा घाव

जब विरासत ने सुलगते सवाल छोड़े साल 680 ईस्वी। दमिश्क, जो उस दौर में उमय्यद सल्तनत की राजधानी थी, वहां एक शानदार महल में इस्लाम की राजनीति को हमेशा के लिए बदल देने वाला एक दृश्य घट रहा था। उमय्यद सल्तनत के संस्थापक और इस्लामी दुनिया के पहले बादशाह मुआविया

भारत में वैश्यावृत्ति: कानून, समाज और संस्कृति के बीच की टकराहट

BY: Yoganand Shrivastva भारत एक ओर तो “संस्कारों और परंपराओं की भूमि” कहा जाता है, वहीं दूसरी ओर यहां वैश्यावृत्ति (Prostitution) को कानूनी मान्यता प्राप्त है—बशर्ते वह ‘स्वेच्छा से’ और सार्वजनिक स्थल से दूर की गई हो। यह विरोधाभास एक गहरे सामाजिक और वैधानिक संकट को जन्म देता है। भारतीय

बिहार में गरीबी और उद्योग पतन

बिहार: कभी उद्योग सम्राट, आज गरीबी का गढ़ | मिलें किसने बर्बाद कीं?

क्या आपने कभी सोचा है कि भारत का वही बिहार, जिसकी धरती ने मौर्य और गुप्त साम्राज्य को जन्म दिया, आज गरीबी, बेरोजगारी और पलायन का सबसे बड़ा उदाहरण क्यों बन गया? जिस राज्य में कभी चीनी मिलों की गूंज थी, जहां के मजदूरों की मेहनत दिल्ली-मुंबई की ऊंची इमारतों

अगला दलाई लामा विवाद

दलाई लामा का नया ऐलान: चीन में मची हलचल, अगला दलाई लामा कौन चुनेगा? भारत-तिब्बत कनेक्शन और पूरी कहानी

तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया है जिसने चीन की टेंशन बढ़ा दी है। 2 जुलाई को उनके एक्स (ट्विटर) अकाउंट से एक आधिकारिक स्टेटमेंट जारी हुआ, जिसमें कहा गया कि दलाई लामा परंपरा जारी रहेगी और उनके निधन के बाद भी अगला

चीन हथियार सप्लाई

चीन बना जंगों का सबसे बड़ा व्यापारी! जानिए कैसे हथियारों से भर रहा खजाना

चीन कैसे बना दुनियाभर के संघर्षों का सबसे बड़ा फायदा उठाने वाला देश? जानिए पूरी कहानी बीजिंग:दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जब भी कोई युद्ध या संघर्ष भड़कता है, चीन (China) वहां चुपचाप अपना मुनाफे का खेल शुरू कर देता है। चाहे रूस-यूक्रेन युद्ध हो, पाकिस्तान में तनाव, पश्चिम एशिया

भूटान बिटकॉइन माइनिंग

भूटान ने बिटकॉइन से कमाए 1.3 अरब डॉलर, भारत अब भी पीछे क्यों?

छोटे से देश की बड़ी सोच जब भी हम भारत के पड़ोसी गरीब देशों की बात करते हैं, तो भूटान का नाम अक्सर सबसे ऊपर आता है। हालांकि, खुशहाली के मामले में यह छोटा हिमालयी देश हमसे काफी आगे है। वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स में भूटान की रैंकिंग लगातार ऊंची रहती

PDS योजना

PDS योजना का पूरा गणित: गरीबों तक सस्ता अनाज पहुंचाने में कितना खर्च होता है?

भारत में अगर आप सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत 2 रुपये प्रति किलो गेहूं और 3 रुपये किलो चावल खरीदते हैं, तो क्या आपने कभी सोचा है कि असल में सरकार को इसकी कितनी कीमत चुकानी पड़ती है? इस रिपोर्ट में हम आपको समझाते हैं कि सरकार कैसे करोड़ों