
प्रकृति का अपनापन या जीवन अस्तित्व…..
लेखक: अंशुमान शुक्ल “अंश” जी बिल्कुल, पर्यावरण के हालातों की चर्चा के साथ पूछेंगे अपनी जिम्मेदारी से अहम फर्ज़ के सवाल …कि निभा रहें है या नहीं ? अर्थात् “प्रकृति और मनुष्य के बीच का संबंध शाश्वत है।”जीवन अगर जीना है तो परस्पर हम उपयोगी बने, मनुष्य अगर प्रकृति का











