Cabinet Decisions : भोपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित प्रदेश मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न हुई, जिसमें विकास और जनकल्याण से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम गान के साथ हुई। इस दौरान जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, वित्त, श्रम, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास सहित कई विभागों के प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने भावांतर योजना को पूर्ण रूप से लागू किया और किसानों को इसका भुगतान दो माह के भीतर सुनिश्चित किया गया।

उन्होंने जानकारी दी कि 29 जनवरी को उज्जैन में महाकाल लोक की तर्ज पर पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही 30 जनवरी को भोपाल में पहली बार पुष्प महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य केवल प्रदर्शनी नहीं बल्कि फूलों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना है।
Cabinet Decisions : आदिवासी हित में बड़ा फैसला
नर्मदा घाटी विकास विभाग के प्रस्ताव पर सरदार सरोवर परियोजना से विस्थापित 25,602 आदिवासी परिवारों को पहले आवंटित आवासीय पट्टों की निःशुल्क रजिस्ट्री कराने का निर्णय लिया गया। इसके लिए पंजीयन शुल्क और स्टांप ड्यूटी राज्य सरकार वहन करेगी।
Cabinet Decisions : सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
जल संसाधन विभाग के प्रस्ताव पर धनवाही और बरही सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जिससे कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधाएं मजबूत होंगी।

Cabinet Decisions : वित्तीय और विकास योजनाओं की निरंतरता
वित्त विभाग के प्रस्ताव पर ₹500 करोड़ से कम लागत की 8 योजनाओं को 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि तक जारी रखने का निर्णय लिया गया।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल 2.0 योजना और विधानसभा क्षेत्र विकास योजना को भी निरंतर संचालित रखने की मंजूरी दी गई।
Cabinet Decisions : पशुपालन, महिला एवं समाज कल्याण
पशुपालन विभाग की योजनाओं को वर्ष 2031 तक जारी रखने, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर को ब्लॉक ग्रांट सहायता देने और गौ संवर्धन योजनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रस्ताव पर किशोर कल्याण निधि योजना, घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए सहायता योजनाओं को जारी रखने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा राज्य समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों का महिला एवं बाल विकास विभाग में संविलियन करने की स्वीकृति भी दी गई।





