by: vijay nandan
BSE NSE Mock Trading : नई दिल्ली, आम तौर पर भारतीय शेयर बाजार शनिवार और रविवार को बंद रहते हैं, लेकिन इस सप्ताह 14 मार्च, शनिवार को बाजार खुला रहेगा। इस दिन Bombay Stock Exchange और National Stock Exchange of India पर एक विशेष मॉक ट्रेडिंग सेशन आयोजित किया जाएगा।
दोनों एक्सचेंजों की ओर से जारी सर्कुलर में बताया गया है कि यह सेशन सिस्टम की जांच और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की कार्यक्षमता परखने के लिए किया जा रहा है। मॉक ट्रेडिंग प्राइमरी साइट (PR) और डिजास्टर रिकवरी साइट (DR) दोनों पर आयोजित होगी।
BSE NSE Mock Trading : केवल टेस्टिंग के लिए होगा सेशन
एक्सचेंज के अनुसार इस मॉक ट्रेडिंग का उद्देश्य केवल तकनीकी परीक्षण और जानकारी हासिल करना है। इस दौरान होने वाले सौदों पर न तो किसी तरह का मार्जिन लागू होगा और न ही पे-इन या पे-आउट की कोई बाध्यता रहेगी। साथ ही इस सेशन में किए गए ट्रेड से किसी प्रकार का कानूनी अधिकार या देनदारी भी उत्पन्न नहीं होगी।

BSE NSE Mock Trading : कई सेगमेंट में होगी ट्रेडिंग
इस मॉक सेशन के दौरान इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, कमोडिटी डेरिवेटिव्स और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट जैसे कई सेगमेंट में ट्रेडिंग का परीक्षण किया जाएगा।
ट्रेडिंग मेंबर, जो थर्ड-पार्टी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या API आधारित सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं, वे इस अवसर पर अपने सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन की विभिन्न परिस्थितियों में कार्यक्षमता को जांच सकेंगे। इसमें रिस्क-रिडक्शन मोड, ट्रेडिंग हॉल्ट जैसी स्थितियों का भी परीक्षण किया जा सकेगा।
BSE NSE Mock Trading : BSE पर मॉक ट्रेडिंग का शेड्यूल
BSE के अनुसार इक्विटी सेगमेंट में लॉग-इन सुबह 9:15 से 9:45 बजे के बीच किया जा सकेगा। प्राइमरी साइट पर ट्रेडिंग सुबह 10:15 से दोपहर 1 बजे तक चलेगी। इसके बाद सिस्टम को डिजास्टर रिकवरी साइट पर शिफ्ट किया जाएगा, जहां दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक ट्रेडिंग जारी रहेगी। क्लोजिंग सेशन शाम 4 से 4:10 बजे के बीच होगा।
BSE NSE Mock Trading : NSE पर भी अलग-अलग चरणों में ट्रेडिंग
NSE के सर्कुलर के मुताबिक, कैपिटल मार्केट सेगमेंट में प्री-ओपन सेशन सुबह 9 बजे से शुरू होगा और नियमित ट्रेडिंग सुबह 9:15 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक चलेगी। इसके बाद डिजास्टर रिकवरी साइट पर दोपहर के सत्र में दोबारा ट्रेडिंग शुरू की जाएगी, जो निर्धारित समय तक जारी रहेगी। एक्सचेंज का कहना है कि इस अभ्यास से ट्रेडिंग सिस्टम की विश्वसनीयता और आपात स्थिति में काम करने की क्षमता का आकलन किया जा सकेगा।

