Tribute to Nanaji Deshmukh : मुख्यमंत्री ने चित्रकूट के पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान के कार्यक्रम को किया वर्चुअली संबोधित
Tribute to Nanaji Deshmukh : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख केवल एक राजनेता नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन के महान साधक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ग्राम विकास-शिक्षा-स्वावलंबन के लिए समर्पित कर दिया और समाज सेवा के उद्देश्य को तप के साथ सिद्ध किया। स्व. नानाजी देशमुख का मानना था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। जब गांव मजबूत होंगे तभी राष्ट्र मजबूत बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख की 16वीं पुण्यतिथि के संदर्भ में चित्रकूट स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम को विधानसभा भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। स्व. नानाजी देशमुख की 16वीं पुण्यतिथि 27 फरवरी को है।

Tribute to Nanaji Deshmukh : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट को भगवान श्री राम की तपोस्थली के साथ-साथ नानाजी देशमुख की कर्मस्थली होने का भी गौरव प्राप्त है। स्व. नानाजी देशमुख ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के सपने को मूर्त रूप देने के संकल्प को, चित्रकूट से ही साकार करने का प्रण किया। इस उद्देश्य से ही ग्रामीण विश्वविद्यालय की स्थापना 1991 में चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के रूप में की गई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार स्व. नानाजी देशमुख की शिक्षाओं के अनुरूप समाज और देश के संवर्धन तथा सशक्तिकरण की दिशा में कार्य कर रही है।
Tribute to Nanaji Deshmukh : दीनदयाल शोध संस्थान, ग्रामीण विकास के साथ ही स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, कृषि, स्वावलंबन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय कार्य कर रहा है। राज्य सरकार विरासत के साथ विकास को ध्यान में रखते हुए गांवों को मजबूत कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे रही है। चित्रकूट में स्थानीय सांसद श्री गणेश सिंह, विश्वविद्यालय के कुलगुरू श्री आलोक दुबे, दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव श्री अभय महाजन तथा विषय विशेषज्ञ और शोधार्थी उपस्थित थे।
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