BY
Yoganand Shrivastava
Maharashtra अकोला से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ गैस सिलेंडर की सुस्त वितरण व्यवस्था और लंबी कतारों ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। अन्वी मिर्जापुर गांव के पूर्व सरपंच, जो अपने परिवार के लिए ईंधन की व्यवस्था करने गैस एजेंसी पहुँचे थे, अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गए। इस घटना ने गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली और प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

Maharashtra भीषण गर्मी और घंटों का इंतज़ार बना जानलेवा
मृतक की पहचान शंकर फपूर्डाजी शिरसाट के रूप में हुई है, जो बुधवार को अकोला स्थित यदुराज HP गैस एजेंसी पर अपनी केवाईसी (KYC) प्रक्रिया और गैस बुकिंग के लिए गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुजुर्ग शिरसाट लगभग 4 से 5 घंटे तक चिलचिलाती धूप में लाइन में खड़े रहे। दोपहर करीब 1 बजे थकान और गर्मी के कारण उन्हें अचानक चक्कर आया और वे जमीन पर गिर पड़े। वहाँ मौजूद लोगों ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

Maharashtra अव्यवस्थाओं के बीच पूर्व सरपंच का अंतिम संस्कार
इस दुखद खबर के बाद उनके पैतृक गांव अन्वी मिर्जापुर में शोक की लहर दौड़ गई है। गुरुवार को गमगीन माहौल में गांव की श्मशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार किया गया। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गैस एजेंसी पर उमड़ रही भारी भीड़ के बावजूद वहाँ न तो छाया (शेड) की कोई व्यवस्था थी और न ही पीने के पानी का कोई प्रबंध। बुजुर्गों को घंटों धूप में खड़ा रखना अमानवीय है, जिसके कारण यह हादसा हुआ।

Maharashtra ‘सदोष मनुष्य वध’ का मामला दर्ज करने की उठी मांग
इस घटना को लेकर सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में कड़ा आक्रोश है। वंचित बहुजन आघाड़ी के कार्यकर्ता और मनपा नगरसेवक पराग गवई ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए संबंधित गैस एजेंसी के खिलाफ ‘सदोष मनुष्य वध’ (गैर-इरादतन हत्या) का मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने शासन से अपील की है कि गैस वितरण प्रणाली को घर-घर तक सुचारू किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एजेंसियों पर बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य की जाएं।
Read this: Gwalior: मुखबिरी के शक में खूनी संघर्ष, पड़ोसी ने पड़ोसी पर बरसाईं गोलियां; घटना CCTV में कैद





