Agra Fraud: आगरा में प्रॉपर्टी में निवेश के नाम पर बड़ा मुनाफा दिलाने का लालच देकर 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जयपुर निवासी दीपक गौतम की शिकायत पर हरिपर्वत थाना पुलिस ने नामजद आरोपी मनोज यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Agra Fraud: प्लॉट और 24 प्रतिशत रिटर्न का वादा
पीड़ित दीपक गौतम ने बताया कि वर्ष 2012 में मकान बेचने के बाद वह निवेश के विकल्प तलाश रहे थे। 2013 में उनकी मुलाकात मनोज यादव से हुई, जिसने खुद को “श्रीकृष्णा डेवलपर्स” का मालिक बताया। आरोपी ने कुबेरपुर क्षेत्र में “राधिका ग्रीन” टाउनशिप विकसित करने और 24 प्रतिशत निश्चित रिटर्न देने का आश्वासन दिया। साथ ही एक से दो साल में प्लॉट की रजिस्ट्री कराने का भरोसा दिलाया।
किस्तों में दिए 30 लाख, मिलीं अधूरी रसीदें
आरोपी की बातों पर भरोसा कर पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में कुल 30 लाख रुपये जमा कराए, जिनमें बैंक ड्राफ्ट और नकद भुगतान शामिल थे। बदले में 25 प्लॉट देने का वादा किया गया, लेकिन बाद में केवल 20 प्लॉट की बुकिंग रसीदें दी गईं। रजिस्ट्री के लिए आरोपी बार-बार कोर्ट स्टे, सरकारी रोक और भूमि विवाद का बहाना बनाता रहा।

Agra Fraud: दफ्तर बंद, आरोपी फरार
करीब छह महीने पहले आरोपी ने रजिस्ट्री कराने की बात कही, लेकिन 2 जून 2025 को जब पीड़ित संजय प्लेस स्थित कार्यालय पहुंचा तो वहां ताले लगे मिले। बाद में पता चला कि मनोज यादव फरार है और उसके खिलाफ अन्य लोगों से भी इसी तरह की ठगी के कई मामले दर्ज हैं।
जमीन और कंपनी दोनों फर्जी
जांच में सामने आया कि जिस जमीन पर टाउनशिप दिखाकर निवेश कराया गया, वह आरोपी के नाम पर नहीं थी। साथ ही “श्रीकृष्णा डेवलपर्स” नाम की कोई वैध कंपनी या परियोजना अस्तित्व में नहीं है।
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Agra Fraud: पुलिस की कार्रवाई शुरू
हरिपर्वत थाना प्रभारी नीरज शर्मा ने बताया कि शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। आरोपी की तलाश की जा रही है।





