नेपाल में बढ़ती हिंसा और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार बयान जारी किया। उन्होंने नेपाली नागरिकों से शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील की।
नेपाल में बिगड़े हालात
- युवाओं के भारी विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया।
- राष्ट्रपति और कई मंत्रियों ने भी अपने पद छोड़ दिए।
- लगातार हिंसा और आगजनी के कारण हालात काबू से बाहर हो गए।
- अब नेपाल की कमान सेना के हाथों में है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों, नेताओं के घरों और संसद भवन तक में आगजनी और तोड़फोड़ की, जिससे तनाव और बढ़ गया।
पीएम मोदी की भावुक अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने X (ट्विटर) अकाउंट पर लिखा:
“नेपाल में हुई हिंसा हृदयविदारक है। अनेक युवाओं की जान जाना बेहद पीड़ादायक है। नेपाल की स्थिरता, शांति और समृद्धि हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मैं अपने सभी नेपाली भाई-बहनों से विनम्र अपील करता हूं कि वे शांति बनाए रखें।”
On my return from Himachal Pradesh and Punjab today, a meeting of the Cabinet Committee on Security discussed the developments in Nepal. The violence in Nepal is heart-rending. I am anguished that many young people have lost their lives. The stability, peace and prosperity of…
— Narendra Modi (@narendramodi) September 9, 2025
उन्होंने यह भी बताया कि हिमाचल और पंजाब दौरे से लौटने के बाद उन्होंने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की।
सुरक्षा समिति की अहम बैठक
- बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर मौजूद थे।
- पीएम मोदी ने दोहराया कि नेपाल की स्थिरता और शांति भारत के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सेना ने संभाली नेपाल की बागडोर
- काठमांडू की सड़कों पर सेना की तैनाती की गई।
- रातभर आर्मी की बख्तरबंद गाड़ियां गश्त करती रहीं।
- कई उपद्रवियों को सेना ने हिरासत में लिया।
नेपाल में हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं और सेना पर शांति बहाल करने की जिम्मेदारी है।
नेपाल का संकट न सिर्फ वहां के नागरिकों के लिए बल्कि पड़ोसी देशों, खासकर भारत के लिए भी चिंता का विषय है। पीएम मोदी का बयान यह संदेश देता है कि भारत नेपाल की शांति और स्थिरता को बेहद अहम मानता है।





