अमेरिका और रूस के बीच जल्द ही एक अहम शिखर वार्ता होने वाली है, और यह मुलाकात अलास्का में तय है। लेकिन वार्ता से पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि यदि पुतिन युद्ध रोकने पर सहमत नहीं हुए, तो उन्हें “बहुत गंभीर परिणाम” भुगतने होंगे।
अमेरिका-रूस शिखर वार्ता की पृष्ठभूमि
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के अनुसार, ट्रंप ने बुधवार को यूरोपीय नेताओं के साथ हुई ऑनलाइन बैठक में स्पष्ट किया कि अमेरिका, अलास्का में होने वाली आगामी वार्ता में संघर्ष विराम समझौता चाहता है। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन में जारी युद्ध को रोकना है।
जेलेंस्की का पुतिन पर आरोप
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि पुतिन, अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
- पुतिन यूक्रेन के सभी मोर्चों पर दबाव बना रहे हैं।
- उनका मकसद यह दिखाना है कि रूस पूरे यूक्रेन पर कब्जा करने में सक्षम है।
- पुतिन यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रतिबंधों का उन पर कोई असर नहीं है, जबकि सच्चाई यह है कि ये प्रतिबंध रूस की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं।
जेलेंस्की के मुताबिक, यह आर्थिक दबाव ही रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करने का मुख्य कारण बन सकता है।
ट्रंप की दो मिनट वाली कसौटी
ट्रंप ने पहले ही कहा था कि उन्हें मुलाकात के शुरुआती दो मिनट में पता चल जाएगा कि समझौते की संभावना है या नहीं। वहीं, जेलेंस्की का दावा है कि पुतिन चाहते हैं कि संघर्ष विराम समझौते में यूक्रेन डोनेत्स्क क्षेत्र के उस बचे हुए 30% हिस्से से भी पीछे हट जाए, जो फिलहाल यूक्रेन के नियंत्रण में है।
बाइडेन पर निशाना
ट्रंप ने हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को रूस-यूक्रेन युद्ध के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा—
“यह संघर्ष बाइडेन की नीतियों का नतीजा है। अगर मैं राष्ट्रपति होता तो यह स्थिति कभी पैदा ही नहीं होती। अब मैं इसे खत्म करने आया हूं।”





