छत्तीसगढ़: लाल आतंक पर एक और प्रहार, 30 नक्सली भेजे नरक के द्वार

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2025 में करीब 10 बड़ी नक्सली मुठभेड़ें हुईं, 115 नक्सलियों को ढेर किया

रायपुर, आंध्र प्रभा: छत्तीसगढ़ एक बार फिर हिंसा की चपेट में है। गुरुवार को बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस घटना में 30 माओवादी मारे गए हैं।

क्या हुआ?

जिलों से आए संयुक्त बलों ने जंगल में कंबिंग ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच भारी गोलीबारी शुरू हो गई। अभी भी गोलीबारी जारी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस मुठभेड़ में माओवादियों को भारी नुकसान हुआ है।

बीजापुर जिले के गंगालूरु इलाके में बड़ी संख्या में माओवादी मौजूद थे, यह जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों को वहां भेजा गया। एसपी जितेंद्र यादव ने बताया कि अभी भी गोलीबारी जारी है और सुरक्षा बलों के वापस आने के बाद ही पूरी जानकारी साझा की जाएगी।

छत्तीसगढ़ के जंगलों में खूनी मुठभेड़! 20 माओवादी ढेर

जनवरी 2025 से 30 मार्च 2025 तक छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान नक्सलियों के साथ कई मुठभेड़ें हुई हैं। इस अवधि में सुरक्षाबलों ने नक्सलवाद के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप कई नक्सली मारे गए और स्थिति पर नियंत्रण स्थापित करने में प्रगति हुई। नीचे इस अवधि की प्रमुख मुठभेड़ों का विवरण दिया गया है, जो उपलब्ध जानकारी पर आधारित है और मौलिक रूप से प्रस्तुत किया गया है।

छत्तीसगढ़ के जंगलों में खूनी मुठभेड़! 20 माओवादी ढेर

  1. 16 जनवरी 2025 – बीजापुर मुठभेड़: बीजापुर जिले के जंगल में तेलंगाना सीमा के पास सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 50 लाख रुपये के इनामी नक्सली दामोदर सहित कई नक्सली मारे गए। यह अभियान नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता के रूप में देखा गया।
  2. 20-21 जनवरी 2025 – गरियाबंद मुठभेड़: छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा पर गर per garियाबंद जिले के जंगलों में सुरक्षाबलों ने 16 नक्सलियों को ढेर किया। इसमें 1 करोड़ रुपये का इनामी नक्सली नेता चलपति भी मारा गया। यह मुठभेड़ इस साल की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक थी।
  3. 1 फरवरी 2025 – गंगालूर मुठभेड़: बीजापुर के गंगालूर इलाके में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई भिड़ंत में 8 नक्सली मारे गए। इस अभियान में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के ठिकानों पर निर्णायक हमला किया।
  4. 9 फरवरी 2025 – बीजायपुर में बड़ी मुठभेड़: बीजापुर जिले में नेशनल पार्क क्षेत्र के जंगलों में सुरक्षाबलों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया। इस मुठभेड़ में दो जवान भी शहीद हो गए। यह 2025 की सबसे बड़ी मुठभेड़ मानी गई।
  5. 20 मार्च, 2025: बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर हुई मुठभेड़ में 20 माओवादी ढेर, सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई।

कुल आंकड़े और सरकार की रणनीति

जनवरी 2025 से 20 मार्च 2025 तक छत्तीसगढ़ में हुई इन मुठभेड़ों में कम से कम 55 से 60 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर एक ठोस रणनीति अपनाई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा है, और इसके लिए छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ाई गई है।

सीएम साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज किया है, जैसे सड़क, स्कूल, और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार। साथ ही, नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के लिए आत्मसमर्पण नीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस अवधि में कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया है। जनवरी 2025 से 20 मार्च 2025 तक छत्तीसगढ़ में कम से कम 10 बड़ी नक्सली मुठभेड़ें हुईं, और सुरक्षा बलों ने कम से कम 115 नक्सलियों को मार गिराया। सटीक संख्या के लिए आधिकारिक पुलिस बयान की प्रतीक्षा करनी होगी।

छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए प्रभावी परिणाम हासिल किए हैं। जनवरी से मार्च 2025 तक की मुठभेड़ों से यह स्पष्ट है कि सुरक्षाबल नक्सलियों के गढ़ में घुसकर उन्हें निर्णायक नुकसान पहुंचा रहे हैं। यह कदम राज्य को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल है।

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