10 मार्च, 2025
मार्क कार्ने को कनाडा की लिबरल पार्टी का नया नेता चुना गया है, और वे जस्टिन ट्रूडो की जगह कनाडा के 24वें प्रधानमंत्री बनेंगे। मार्क कार्ने ने लिबरल पार्टी के नेतृत्व चुनाव में 1,31,674 वोट हासिल किए, जो कुल मतदान का 85.9% है।
कौन हैं मार्क कार्ने?
मार्क कार्ने ने 2008 से 2013 तक बैंक ऑफ कनाडा के गवर्नर के रूप में कार्य किया। इसके अलावा, वे 2011 से 2018 तक फाइनेंशियल स्टेबिलिटी बोर्ड के चेयरमैन भी रहे। उन्हें 2008 के वित्तीय संकट के दौरान कनाडा को बचाने में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है। मार्क कार्ने ने गोल्डमैन सैक्स में भी काम किया है और उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से निपटने के लिए सबसे भरोसेमंद नेता माना जाता है।

चुनाव में जीत
लिबरल पार्टी के अध्यक्ष सचित मेहरा ने मार्क कार्ने की जीत की घोषणा की। मार्क कार्ने के प्रतिद्वंद्वी क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने 11,134 वोट, करीना गोल्ड ने 4,785 वोट और फ्रैंक बेलिस ने 4,038 वोट हासिल किए।
मार्क कार्ने का भाषण
अपने भाषण में मार्क कार्ने ने कनाडा को “मजबूत” बताया और कहा कि उनकी सरकार एक नई आर्थिक योजना लाएगी। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों पर भी टिप्पणी की और कहा कि कनाडा अमेरिका के साथ मुक्त और निष्पक्ष व्यापार के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “अमेरिका कनाडा नहीं है, और कनाडा कभी भी अमेरिका का हिस्सा नहीं बनेगा।”
राजनीतिक अनुभव
59 वर्षीय मार्क कार्ने एक राजनीतिक नए चेहरे हैं, क्योंकि उन्होंने पहले कभी कोई राजनीतिक पद नहीं संभाला। हालांकि, उनके बैंकिंग क्षेत्र में व्यापक अनुभव और ट्रूडो से दूरी ने उन्हें चुनाव में फायदा पहुंचाया।
मार्क कार्ने ने कहा, “मैं संकट प्रबंधन में अनुभवी हूं। ऐसी स्थिति में, आपको संकट प्रबंधन और वार्ता कौशल की आवश्यकता होती है।”
व्यक्तिगत जीवन
मार्क कार्ने का जन्म उत्तरपश्चिमी क्षेत्रों के फोर्ट स्मिथ में हुआ था। उन्होंने हार्वर्ड से पढ़ाई की और वहां आइस हॉकी के स्टार खिलाड़ी भी रहे।
निष्कर्ष
मार्क कार्ने का नेतृत्व कनाडा के लिए एक नए युग की शुरुआत हो सकती है। उनके अनुभव और दृष्टिकोण को देखते हुए, कनाडा की जनता उनसे बड़ी उम्मीदें रखती है।





