खेलो इंडिया के तहत पंचायतों में लाखों की लागत से बनाए जा रहे खेल मैदान
BY: अतहर खान, मुंगेर
- खेलो इंडिया के तहत बने मैदानों पर चोरों की नजर
- मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन, चोरों ने चुरा ली लाइट
- उद्घाटन के महज पांच दिनों के अंदर लाइट की चोरी
- 2 लाख 45 हजार की लागत से लगी थी 8 लाइट
मुख्यमंत्री के द्वारा राज्य में खेल को बढ़ावा देने के लिए खेलो इंडिया के तहत सभी पंचायतों में लाखों की लागत से खेल मैदान को डेवलप कर उन्हें खेल के लिए तैयार किया जा रहा है। लेकिन स्थानीय चोरों के द्वारा इन खेल मैदान को भी नहीं बख्शा जा रहा है। दरअसल 5 फरवरी को अपने प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुंगेर के नौवागढ़ी दक्षिणी पंचायत में खिलाड़ियों के लिए खेल मैदान को डेवलप कर एक सौगात दी थी। यह खेल मैदान रात्रि में भी रौशन रहे इसको लेकर सरकार के द्वारा मैदान के चारों और 2 लाख 45 हजार की लागत से 8 सोलर लाइट लगवाई गई थी। लेकिन स्थानीय चोरों ने पांच दिनों के अंदर ही 8 में से 4 लाइटों की चोरी कर ली।
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आपको बता दें कि विभिन्न खेलों के अधिकांश खिलाड़ी ग्रामीण क्षेत्रों के ही होते हैं, लेकिन उन खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में समुचित साधन नहीं होते हैं। इस कारण ऐसे खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। यानी व्यवस्था खुद के स्तर से करनी पड़ती है। हालांकि अब वह दिन दूर नहीं जब सरकार की व्यवस्थाओं से खिलाड़ी अभ्यास कर सकेंगे। ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा ‘खेलों इंडिया’ के तहत मनरेगा से ग्रामीण क्षेत्रों में ‘खेल मैदान’ विकसित किए जा रहे हैं।
पंचायतों में तीन स्तर के खेल मैदान का हो रहा निर्माण
ग्रामीण विकास विभाग व पंचायती राज विभाग के ने खेल मैदानों के निर्माण की जानकारी दी है। बताया है कि तीन स्तर के खेल मैदान होंगे। तीनों के लिए मानक स्टीमेट तैयार किए गए हैं। बड़े खेल मैदान चार एकड़ में होंगे, तो मध्यम खेल मैदान एक एकड़ से डेढ़ एकड़ में और छोटे खेल मैदान एक एकड़ से कम में होंगे। खेल मैदान में विभिन्न खेलकूद सुविधाओं के साथ रनिंग ट्रैक और स्टोर रूम भी होंगे। स्टीमेट में इसका जिक्र कर दिया गया है।
योजना की अधिकतम लागत 10 लाख
दोनों विभागों के सचिवों ने डीएम/डीडीसी को बताया है कि खेल मैदान योजना की लागत की अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है। ग्राम सभा से योजना पारित कराने के बाद ही धरातल पर कार्य कराया जाएगा। बहरहाल, खेल के मैदान विकसित करने की सरकार की परिकल्पना की खिलाड़ी और खेल प्रेमी काफी तारीफ कर रहे हैं।
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