Swami Chakrapani : अखिल भारत हिंदू महासभा और संत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज को वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन (WPO) में तीन महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, दक्षिण एशिया का चेयरमैन और कनाडा एवं ऑस्ट्रेलिया का कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। संगठन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, ये नियुक्तियां 11 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हैं।
12 अक्टूबर को ब्रिटेन की संसद में आयोजित WPO के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान संगठन के पुनर्गठन और नई अंतरराष्ट्रीय टीम की घोषणा की गई। इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों से आए राजनेताओं, राजनयिकों, आध्यात्मिक गुरुओं और अन्य विशिष्ट अतिथियों सहित 150 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। आयोजन का प्रमुख उद्देश्य वैश्विक शांति, आपसी सद्भाव, सांस्कृतिक समन्वय और विश्व-बंधुत्व के संदेश को आगे बढ़ाना था।
Swami Chakrapani : स्वामी चक्रपाणि महाराज को मिलीं तीन अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियां
WPO के कार्यक्रम में संगठन के वैश्विक अध्यक्ष के रूप में संजय गिरि (प्रविन्द्र कुमार) के नाम की घोषणा की गई। इसी पुनर्गठन के तहत जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज को तीन अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय दायित्व सौंपे गए। संगठन की ओर से जारी नियुक्ति पत्र के मुताबिक, इन जिम्मेदारियों के लिए उनके आध्यात्मिक व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक अनुभव और शांति एवं विश्व-कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को आधार बताया गया है।
अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में स्वामी चक्रपाणि महाराज वैश्विक शांति से जुड़ी रणनीतियों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संवाद को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाएंगे। दक्षिण एशिया के चेयरमैन के तौर पर वह क्षेत्र में संगठन की गतिविधियों, क्षेत्रीय इकाइयों और शांति पहलों के समन्वय एवं निगरानी से जुड़े कार्य करेंगे। वहीं, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के कोऑर्डिनेटर के रूप में इन देशों में संगठनात्मक विस्तार, स्थानीय प्रतिनिधियों और प्रवासी भारतीय समुदाय से संबंधित कार्यक्रमों के समन्वय की जिम्मेदारी निभाएंगे।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय सिद्धाश्रम शक्ति केंद्र के राजराजेश्वर गुरुजी ने अध्यक्षता की। इस अवसर पर ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन, मेयर योगेश तेली, इमीग्रेशन इंस्पेक्टर पॉल स्मिथ और अन्य अंतरराष्ट्रीय अतिथि उपस्थित रहे। आयोजकों के अनुसार, बॉब ब्लैकमैन को संगठन के सलाहकार के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। ऑस्ट्रेलिया में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाली लेखिका सिया जैन को भी सलाहकार के तौर पर शामिल किया गया।
Swami Chakrapani : 2025 में भी ब्रिटिश संसद में मिला था सम्मान, ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ पर दिया जोर
स्वामी चक्रपाणि जी महाराज को इससे पहले वर्ष 2025 में भी लंदन स्थित ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ कॉमन्स में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्क्लेव में ‘Exemplary Leadership Award’ से सम्मानित किया गया था। 20 नवंबर 2025 को हुए इस कार्यक्रम के सम्मान-पत्र पर ब्रिटिश सांसद जॉय मॉरिसी और वर्ल्ड लीडरशिप फोरम के संस्थापक नचिकेत जोशी के नाम दर्ज हैं। अब वर्ष 2026 में WPO में मिली तीन नई जिम्मेदारियों को उनके अंतरराष्ट्रीय कार्यों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव बताया जा रहा है।
WPO का उद्देश्य विभिन्न देशों, धर्मों और संस्कृतियों के बीच संवाद एवं सहयोग को प्रोत्साहित करते हुए शांतिपूर्ण विश्व के निर्माण की दिशा में काम करना है। संगठन के प्रमुख मूल्यों में एकता, करुणा, सत्य, सद्भाव और सतत विकास शामिल हैं। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक गायत्री मंत्र और प्रार्थना से हुई। वहीं, समापन पर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। नवरात्रि के अवसर पर सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति भी दी गई।
अपनी नियुक्ति पर स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ यानी पूरा विश्व एक परिवार है, भारतीय सनातन संस्कृति का शाश्वत संदेश है। उनके अनुसार, वैश्विक शांति केवल समझौतों से नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, करुणा, सद्भाव और मानवीय मूल्यों को अपनाने से स्थापित हो सकती है। उन्होंने दक्षिण एशिया, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में शांति, सांस्कृतिक समन्वय तथा विश्व-बंधुत्व के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
WPO की ओर से संगठन की गतिविधियों, शांति अभियानों और सदस्यता से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट www.worldpeaceorganisation.com तथा अंतरराष्ट्रीय पत्राचार के लिए mailboxofwpo@gmail.com उपलब्ध कराए गए हैं। स्वामी चक्रपाणि महाराज की नियुक्ति पर अखिल भारत हिंदू महासभा, संत महासभा के पदाधिकारियों, संत-महात्माओं और अनुयायियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।


